Rajasthan Weather Update 3 September 2026: राजस्थान में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. मौसम केंद्र जयपुर की ओर से जारी दैनिक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 3 सितंबर, गुरुवार को पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं कुछ जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है.
3 सितंबर को इन संभागों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, 3 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. यानी बारिश का दायरा केवल पूर्वी हिस्से तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में भी बादलों की गतिविधि देखने को मिल सकती है.
इन जिलों में मौसम की चेतावनी
3 सितंबर के लिए मौसम केंद्र जयपुर के बुलेटिन में पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. कुछ जिलों में भारी बारिश के साथ आंधी-वज्रपात की चेतावनी भी दर्ज है.
3 सितंबर को चेतावनी वाले प्रमुख जिले
| जिला | 3 सितंबर की चेतावनी |
|---|---|
| अजमेर | कोई चेतावनी नहीं |
| अलवर | कोई चेतावनी नहीं |
| बारां | भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| भरतपुर | मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| भीलवाड़ा | मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| बूंदी | मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| चित्तौड़गढ़ | मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| दौसा | मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| डीग | मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| धौलपुर | भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| जयपुर | मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| झालावाड़ | भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| करौली | भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| खैरथल-तिजारा | मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| कोटा | भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| कोटपुतली-बहरोड़ | मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| प्रतापगढ़ | मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| सवाई माधोपुर | भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
| टोंक | मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोंकेदार हवाएं |
पश्चिमी राजस्थान में क्या रहेगा हाल
पश्चिमी राजस्थान के लिए 3 सितंबर को किसी जिले में विशेष मौसम चेतावनी दर्ज नहीं की गई है. बीकानेर और जोधपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने का पूर्वानुमान है. इसलिए पश्चिमी हिस्सों में भी स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन उपलब्ध बुलेटिन में जिलावार चेतावनी नहीं दी गई है.
क्यों बदल रहा है राजस्थान का मौसम
मौसम केंद्र के अनुसार, पश्चिमी झारखंड और उससे लगे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया बना हुआ है. इसके अगले 24 घंटे में धीरे-धीरे उत्तरी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है. इसके प्रभाव से राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है.
इसके अलावा मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, रोहतक, फुरसतगंज, प्रयागराज, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र और आगे झारखंड, दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है. यह मौसमी सिस्टम राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है.
बारिश का क्या असर पड़ सकता है
जिन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है, वहां अचानक तेज बारिश से स्थानीय जलभराव की स्थिति बन सकती है. सड़कों पर दृश्यता प्रभावित होने और वाहन चलाने में परेशानी आने की आशंका रहती है. तेज हवाओं के साथ पेड़, कमजोर होर्डिंग या अस्थायी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं. बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों पर मौजूद लोगों के लिए जोखिम बढ़ सकता है. किसानों के लिए भी मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा, खासकर उन इलाकों में जहां बारिश के साथ तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी है.
3 सितंबर को लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए
बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचें. गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित पक्की इमारत में शरण लेना बेहतर है. वाहन चलाते समय अचानक तेज बारिश होने पर गति कम रखें और जलभराव वाली सड़क पर जाने से बचें. तेज हवाओं के दौरान घर की खिड़कियों, बालकनी और छत पर रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित कर दें.
बिजली गिरने की आशंका वाले मौसम में मोबाइल या अन्य उपकरणों के इस्तेमाल से ज्यादा महत्वपूर्ण सुरक्षित स्थान पर रहना है. मौसम में तेजी से बदलाव होने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें.
आगे भी जारी रह सकती है बारिश
मौसम केंद्र जयपुर ने 4 और 5 सितंबर को भी भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं बारिश का अनुमान है. 6 सितंबर को भी पूर्वी राजस्थान के इन संभागों में कहीं-कहीं बारिश तथा पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना दर्ज की गई है.
Source: मौसम अपडेट मौसम केंद्र जयपुर, भारत मौसम विज्ञान विभाग
FAQ
1. 3 सितंबर को राजस्थान में बारिश होगी या मौसम साफ रहेगा?
3 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है.
2. राजस्थान में किन जिलों में भारी बारिश का डर ज्यादा है?
3 सितंबर के बुलेटिन में बारां, धौलपुर, झालावाड़, करौली, कोटा और सवाई माधोपुर में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी दर्ज है.
3. क्या जयपुर में 3 सितंबर को आंधी और बिजली गिरने का खतरा है?
हां. जयपुर के लिए 3 सितंबर को मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है.
4. बारिश के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर न रहें. पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखें तथा सुरक्षित पक्की जगह पर रहें.
5. क्या 3 सितंबर के बाद भी बारिश जारी रह सकती है?
हां. मौसम केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान में 4 से 6 सितंबर तक भी राजस्थान के कई संभागों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना बताई गई है.


