MP Weather Update 3 September 2026: मध्य प्रदेश में बारिश का दौर 3 सितंबर, गुरुवार को भी जारी रहने वाला है. मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं, रीवा में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है. बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा.
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3 सितंबर को क्यों बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, 2 सितंबर की सुबह उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में एक स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. इसके अगले 12 घंटे में कमजोर होने और अगले 24 घंटे में दक्षिण उत्तर प्रदेश तथा उत्तर मध्य प्रदेश से होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा मानसून ट्रफ भी उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास सक्रिय मौसमी सिस्टम से जुड़ी हुई है.
इन जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट
रीवा जिले में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश, झंझावात, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की चेतावनी है. वहीं सीधी, मऊगंज, सतना, कटनी, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर और मैहर में कहीं-कहीं अति भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट है.
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
नरसिंहपुर में कहीं-कहीं भारी बारिश, झंझावात और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं. इसके अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, दमोह, सागर और टीकमगढ़ में भी कहीं-कहीं भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
इन जिलों में आंधी और बिजली का अलर्ट
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, शहडोल, निवाड़ी और पांढुर्णा में कहीं-कहीं झंझावात और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट है.
बारिश का सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में
3 सितंबर सुबह तक प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधि ज्यादा रहने का अनुमान है. सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर में अधिकांश स्थानों पर बारिश हो सकती है. वहीं विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, अशोकनगर, दतिया, भिंड, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, निवाड़ी और पांढुर्णा में अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना है.
अचानक बाढ़ का भी खतरा
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ के जोखिम की संभावना जताई है. पूर्वी मध्य प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, रीवा, सिंगरौली, सीधी, उमरिया, जबलपुर, पन्ना, सतना और दमोह जिले इसके दायरे में हैं. पूरी तरह संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में बारिश के कारण सतही जल बहाव या जलभराव हो सकता है.
पहले हुई बारिश ने बढ़ाई चिंता
पिछले 24 घंटों में रीवा, जबलपुर और शहडोल संभाग के अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज हुई. सागर संभाग में अनेक स्थानों और चंबल संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश हुई, जबकि भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई. रीवा संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा. शहडोल और सागर संभाग में यह कमी 3.3 से 5 डिग्री तक रही.
2 सितंबर को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस श्योपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में दर्ज किया गया. वहीं नैगढ़ी में 154 मिमी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश दर्ज हुई. मझगांव में 103 मिमी, हनुमना और बरहाई में 80-80 मिमी बारिश दर्ज की गई.
बारिश और आंधी से क्या असर पड़ सकता है
भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और अंडरपास में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. नदियों और जलप्रपातों का जलस्तर बढ़ने से निचले पुलों और सड़कों पर पानी आ सकता है. कुछ जगहों पर रास्ते अस्थायी रूप से बंद भी हो सकते हैं. तेज हवाओं से पेड़, बिजली के तार और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा.
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
गरज-चमक या बिजली गिरने के दौरान घर के अंदर रहें और पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे आश्रय न लें. अनावश्यक यात्रा से बचें. तेज बारिश में पुलों, निचली सड़कों और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचना बेहतर रहेगा. बिजली गिरने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के स्रोत से अलग कर दें और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें. मौसम खराब होने पर निर्माण स्थलों, मचान और खुले या ऊंचे स्थानों से दूर रहें.
किसानों के लिए सलाह
किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है. बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक डालने और पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचें. तेज हवाओं से बचाव के लिए सब्जी फसलों, बेलदार पौधों और युवा फलदार पौधों को सहारा दें. कटी हुई उपज, बीज, खाद और कृषि उपकरणों को जलरोधक तिरपाल से ढककर रखें. आंधी या बारिश की संभावना में कटाई, मड़ाई और सुखाने का काम स्थगित करना उचित रहेगा. पशुओं को सुरक्षित और हवादार आश्रय में रखें तथा आंधी-बिजली के दौरान खुले खेतों में चराई से बचाएं.
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम
भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में 3 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक आकाश सामान्यतः मेघमय रहने तथा बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है. हवा की औसत गति 16 से 18 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग की सलाह पर नजर रखें
मध्य प्रदेश में बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है. इसलिए जिला स्तर के अलर्ट और आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी है. विशेष रूप से उन जिलों में रहने वाले लोगों को सावधानी बढ़ानी चाहिए जहां भारी, अति भारी या अत्यधिक भारी बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र भोपाल.
FAQs
1. 3 सितंबर को मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कहां होने की आशंका है?
रीवा में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है. सीधी, मऊगंज, सतना, कटनी, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर और मैहर में अति भारी बारिश की चेतावनी है.
2. क्या बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी है?
हां. कई जिलों में बारिश के साथ झंझावात और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. इसलिए गरज-चमक शुरू होते ही खुले स्थान से सुरक्षित जगह पर जाना जरूरी है.
3. किन जिलों में अचानक बाढ़ का डर है?
अनूपपुर, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, रीवा, सिंगरौली, सीधी, उमरिया, जबलपुर, पन्ना, सतना और दमोह में अगले 24 घंटों के दौरान कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है.
4. तेज बारिश में बाहर निकलना क्यों जोखिम भरा हो सकता है?
जलभराव, तेज बहाव, निचले पुलों पर पानी और अचानक बिजली गिरने का खतरा यात्रा को मुश्किल बना सकता है. इसलिए मौसम खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा टालना बेहतर है.
5. किसानों को अभी सबसे पहले क्या ध्यान रखना चाहिए?
खेतों में जल निकासी दुरुस्त रखें, तैयार उपज और कृषि सामग्री को बारिश से बचाएं, तेज हवाओं से कमजोर पौधों को सहारा दें और आंधी-बिजली के दौरान खुले खेत में काम करने से बचें.


