UP Weather Update 3 September 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. मौसम केंद्र लखनऊ की पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार, 3 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक हो सकती है. पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
3 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 3 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी तथा कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है.
मौसम में यह बदलाव उस निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़ा है, जो 2 सितंबर की सुबह उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में स्थित था. इसके अगले 24 घंटे में दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश से होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई थी. मानसून की द्रोणिका भी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय बनी हुई है.
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
3 सितंबर के जिला-वार चेतावनी मानचित्र में पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को सामान्य से अधिक सतर्कता वाले क्षेत्र में रखा गया है. इनमें आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, कानपुर नगर, कानपुर देहात, झांसी, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट शामिल हैं. ललितपुर में इससे अधिक गंभीर, ऑरेंज श्रेणी की चेतावनी दिखाई गई है. इसके अलावा मौसम विभाग ने 3 सितंबर के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है.
चार जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
बारिश के साथ जलभराव और अचानक पानी बढ़ने का खतरा भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मौसम केंद्र के अनुसार 3 सितंबर को सुबह 11:30 बजे तक मिर्जापुर, प्रयागराज, सोनभद्र और चित्रकूट के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड रिस्क की संभावना है. संतृप्त जमीन और निचले इलाकों में सतही बहाव या जलभराव हो सकता है.
बारिश का असर क्या हो सकता है
भारी बारिश वाले इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हो सकता है. निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. खेतों में खड़ी फसलों पर भी तेज बारिश का असर पड़ सकता है. बिजली गिरने और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर रहना जोखिम बढ़ा सकता है.
पिछले 24 घंटे में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगह भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई. मिर्जापुर में 16 सेमी, नीमसार में 13 सेमी और मिर्जापुर तहसील, माणिकपुर तथा महसी में 11 सेमी बारिश दर्ज हुई.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.
- बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- निचले इलाकों और जलभराव वाली सड़कों पर जाने से बचें.
- नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी या घूमने का जोखिम न लें.
- किसान स्थानीय मौसम चेतावनी देखकर खेतों से जुड़े जरूरी काम की योजना बनाएं.
- बारिश के दौरान वाहन चलाते समय गति कम रखें और दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें.
आगे भी बारिश का दौर जारी रहने के आसार
मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 और 5 सितंबर को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. 6 सितंबर को पश्चिमी यूपी में कुछ और पूर्वी यूपी में कई स्थानों पर बारिश की संभावना है. 7 सितंबर को पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है, जबकि 8 सितंबर को दोनों क्षेत्रों में चेतावनी नहीं है. अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अगले सात दिनों के दौरान बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र लखनऊ.
FAQs
1. 3 सितंबर को उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. जिला-वार मानचित्र में दक्षिण-पश्चिमी हिस्से के कई जिलों को अधिक सतर्कता वाली श्रेणियों में रखा गया है.
2. क्या लखनऊ में भी बारिश होगी?
3 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश या गरज-चमक की संभावना है. लखनऊ के लिए इस बुलेटिन में अलग से भारी बारिश की जिला-स्तरीय चेतावनी नहीं दी गई है.
3. किन जिलों के लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?
3 सितंबर के जिला-वार चेतावनी मानचित्र के अनुसार आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, कानपुर नगर, कानपुर देहात, झांसी, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट और विशेष रूप से ललितपुर में अधिक सतर्कता जरूरी है.
4. क्या बारिश के साथ बाढ़ का भी खतरा है?
मिर्जापुर, प्रयागराज, सोनभद्र और चित्रकूट के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में 3 सितंबर को सुबह 11:30 बजे तक कम से मध्यम फ्लैश फ्लड रिस्क बताया गया है.
5. बारिश के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बिजली चमकने पर खुले स्थानों से तुरंत सुरक्षित जगह पर जाना और तेज बहाव या जलभराव वाले रास्तों से बचना सबसे जरूरी है. स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा अलर्ट पर भी नजर रखें.


