नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने इस साल 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए मार्कशीट में बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है. अब छात्रों को मिलने वाली नई मार्कशीट पहले से ज्यादा मजबूत और सुरक्षित होगी. इसमें कुल 16 हाई-टेक सिक्योरिटी फीचर्स जोड़े गए हैं, जिससे यह नॉन-टीयरएबल (न फटने वाली) और वॉटरप्रूफ होगी. यानी अब मार्कशीट पानी में भी खराब नहीं होगी और लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी.
बोर्ड ने यह कदम फर्जी मार्कशीट पर रोक लगाने और छात्रों के दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया है. नई मार्कशीट में कुछ ऐसे सिक्योरिटी फीचर्स होंगे जिन्हें सामान्य आंखों से देखा जा सकेगा, जबकि कुछ को केवल यूवी रेज (UV Rays) या विशेष लेंस से ही पहचाना जा सकेगा. इसके अलावा मार्कशीट पर होलोग्राम और रेनबो पैटर्न भी होगा, जो उसकी असली पहचान साबित करेगा.
इस बार मार्कशीट का साइज भी बदल दिया गया है. अब यह A-4 साइज में जारी की जाएगी, जिससे यह ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित रहेगी. साथ ही इसे ओवरराइटिंग प्रूफ बनाया गया है, यानी इसमें लिखे गए अंक या नाम के साथ छेड़छाड़ करना लगभग असंभव होगा. यह मार्कशीट नॉन-डिग्रेडेबल होगी, जिससे सालों तक रखने के बाद भी इसकी लिखावट और रंग फीके नहीं पड़ेंगे.
वहीं बोर्ड ने कॉपियों की जांच प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया है. 18 मार्च 2026 से डिजिटल मूल्यांकन शुरू होगा, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके सर्वर पर अपलोड किया जाएगा और शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर ही कॉपियां जांचेंगे. इससे टोटलिंग की गलती खत्म होगी और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज होगी.
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इस साल करीब 50 लाख से ज्यादा छात्रों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है. लगभग 3 करोड़ कॉपियां जांचने के लिए प्रदेश भर में 249 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं और करीब 1.5 लाख शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है. अगर रिजल्ट की बात करें तो कॉपियों की जांच 18 मार्च से 31 मार्च तक चलने की उम्मीद है. पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखते हुए संभावना है कि यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट अप्रैल के दूसरे या तीसरे हफ्ते में जारी किया जा सकता है.


