UP Weather Update 4 August 2026: उत्तर प्रदेश में आज मौसम नए तेवर दिखाने को तैयार है. प्रदेश में मानसून एक बार फिर एक्टिव हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार 4 अगस्त से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है. अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और कहीं-कहीं भारी वर्षा होने के आसार हैं. मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय मानसून के कारण अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना है.
क्यों बढ़ रही है मानसून की सक्रियता
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बना निम्न दबाव क्षेत्र उत्तर दिशा की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ा है. इसके साथ मानसूनी ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति के करीब पहुंचते हुए बीकानेर, दिल्ली, लखनऊ, पटना और मणिपुर की ओर बनी हुई है. वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश से दक्षिणी मध्य प्रदेश तक बना चक्रवाती परिसंचरण भी प्रदेश में नमी पहुंचा रहा है. इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में अगले 4 से 5 दिनों तक व्यापक वर्षा और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
4 अगस्त का मौसम कैसा रहेगा
मंगलवार 4 अगस्त को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत अधिक संभावना है. मौसम विभाग ने दोनों हिस्सों के लिए मेघगर्जन और वज्रपात के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

अगले चार दिनों का मौसम पूर्वानुमान
| दिन | मौसम का अनुमान | चेतावनी |
|---|---|---|
| 4 अगस्त, मंगलवार | अधिकांश स्थानों पर बारिश और गरज-चमक | कहीं-कहीं भारी बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात |
| 5 अगस्त, बुधवार | लगभग पूरे प्रदेश में बारिश | कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना |
| 6 अगस्त, गुरुवार | व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना | कहीं-कहीं भारी बारिश |
| 7 अगस्त, शुक्रवार | अनेक स्थानों पर बारिश | पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना |
किन जिलों में 4 अगस्त को भारी बारिश की संभावना अधिक
मौसम विभाग के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के अनुसार प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना अधिक जताई गई है.
मेघगर्जन और वज्रपात का भी रहेगा खतरा
4 अगस्त को बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर सहित आसपास के इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना बनी हुई है.
भारी बारिश का असर
- निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव हो सकता है.
- कच्चे और अस्थायी मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहेगी.
- बिजली आपूर्ति और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है.
- फिसलन के कारण सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है.
- नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है.
- बागवानी और खड़ी फसलों को स्थानीय नुकसान संभव है.
- तेज हवा और वज्रपात से पेड़ गिरने तथा कमजोर संरचनाओं को क्षति पहुंच सकती है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- मेघगर्जन के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- भारी बारिश के समय जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें.
- मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा टालें.
- बिजली गिरने की आशंका होने पर सुरक्षित भवन के भीतर रहें.
- नदी, नाले और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें.
- वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें.
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों का पालन करें.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ.
FAQs
1. 4 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश में मौसम कैसा रहेगा?
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है.
2. क्या तापमान में कमी आएगी?
हां. मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है.
3. किन क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा सबसे अधिक है?
पूर्वांचल, तराई और कुछ मध्य व पश्चिमी जिलों सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
4. क्या वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है?
हां. कई जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना व्यक्त की गई है. ऐसे समय खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए.
5. लोगों को सबसे ज्यादा किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
भारी बारिश, जलभराव, तेज हवा और बिजली गिरने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें.


