केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय 5 अगस्त को नई दिल्ली में GI & Beyond 2.0 Summit का आयोजन करेगा. इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत के GI टैग प्राप्त हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित करना, उनके प्रचार को बढ़ावा देना और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी पहचान को मजबूत करना है.
सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा करेंगे. इस आयोजन में भारत की समृद्ध हस्तकरघा और हस्तशिल्प परंपरा को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा.
GI टैग वाले उत्पादों को मिलेगा बड़ा मंच
GI & Beyond 2.0 Summit में देशभर से GI पंजीकृत हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा. आयोजन के दौरान 100 से अधिक GI टैग प्राप्त उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी.
इस प्रदर्शनी के माध्यम से विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कला, शिल्प और बुनाई की विरासत को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा.
10 देशों के खरीदार होंगे शामिल
सम्मेलन में लगभग 10 देशों से विदेशी खरीदार हिस्सा लेंगे. इसके अलावा देशभर के निर्यातक और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधि भी इस आयोजन में शामिल होंगे.
आयोजन का उद्देश्य भारतीय GI उत्पादों के लिए नए व्यापारिक अवसर उपलब्ध कराना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी पहुंच को मजबूत करना है.
पारंपरिक बुनाई और हस्तशिल्प का होगा प्रदर्शन
सम्मेलन के दौरान भारत की विविध बुनाई परंपराओं को दर्शाने वाली थीम आधारित प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी.
इसके साथ ही हथकरघा बुनाई और हस्तशिल्प निर्माण का लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिससे आगंतुकों को पारंपरिक शिल्पकला और कारीगरों की कार्यशैली को करीब से देखने का अवसर मिलेगा.
घरेलू और वैश्विक बाजार में बढ़ेगी पहचान
वस्त्र मंत्रालय का उद्देश्य GI टैग प्राप्त भारतीय उत्पादों को अधिक व्यापक बाजार उपलब्ध कराना और उनकी ब्रांड पहचान को मजबूत करना है.
GI & Beyond 2.0 Summit के माध्यम से भारतीय हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे.


