देश में ₹2,000 से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित MDR यानी Merchant Discount Rate चार्ज को फिलहाल टाला जा सकता है. व्यापारी संगठनों ने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI से इस चार्ज को त्योहारी सीजन तक टालने की मांग की है.
व्यापारी संगठनों ने इसे 31 दिसंबर 2026 तक स्थगित करने और 1 जनवरी 2027 से लागू करने का सुझाव दिया है. हालांकि, NPCI ने इस मामले में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.
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NPCI ने अभी नहीं लिया अंतिम फैसला
व्यापारी संगठनों की ओर से NPCI को प्रस्ताव भेजा गया है. इसके साथ ही वित्त मंत्री से भी UPI के Person-to-Merchant यानी P2M ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने की तारीख आगे बढ़ाने का आग्रह किया गया है.
व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में बिक्री बढ़ती है और बड़ी संख्या में ग्राहक UPI के जरिए भुगतान करते हैं. ऐसे में इस अवधि में MDR लागू होने से कारोबारियों पर अतिरिक्त लागत बढ़ सकती है.
इसी वजह से संगठनों ने MDR लागू करने की तारीख को आगे बढ़ाकर 1 जनवरी 2027 करने का सुझाव दिया है.
कितना होगा MDR चार्ज?
प्रस्ताव के मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के पात्र P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया जाना है. हालांकि, प्रति ट्रांजैक्शन इसकी अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है.
उदाहरण के लिए ₹75,000 के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से MDR ₹300 होगा. वहीं, इससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर भी अधिकतम ₹300 ही लिया जाएगा.
हर UPI भुगतान पर नहीं लगेगा चार्ज
प्रस्तावित MDR सभी UPI ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा. ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान और सभी P2P यानी Person-to-Person UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे.
इसके अलावा रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे जरूरी क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर ₹5 का फ्लैट MDR प्रस्तावित है.
इसका मतलब है कि प्रस्तावित व्यवस्था में सभी UPI भुगतान पर एक जैसा चार्ज नहीं लगाया जाना है. ट्रांजैक्शन की प्रकृति और क्षेत्र के आधार पर अलग व्यवस्था प्रस्तावित है.
ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा MDR
सरकार के मुताबिक, करीब 96 प्रतिशत UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन MDR से प्रभावित नहीं होंगे.
छोटे व्यापारियों को QR के जरिए महीने में ₹1 लाख तक मिलने वाली राशि पर भी MDR नहीं लगेगा. इसके अलावा RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर MDR शून्य रहेगा.
साथ ही, ग्राहकों से MDR वसूलने की अनुमति नहीं होगी.
प्रस्तावित MDR व्यवस्था एक नजर में
| ट्रांजैक्शन | प्रस्तावित व्यवस्था |
|---|---|
| ₹2,000 तक के मर्चेंट UPI भुगतान | MDR नहीं |
| ₹2,000 से अधिक पात्र P2M ट्रांजैक्शन | 0.4% MDR |
| प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम MDR | ₹300 |
| ₹75,000 का पात्र भुगतान | ₹300 MDR |
| P2P UPI ट्रांजैक्शन | MDR नहीं |
| रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, ईंधन, कृषि इनपुट | ₹5 फ्लैट MDR |
| छोटे व्यापारियों को QR से महीने में ₹1 लाख तक | MDR नहीं |
| RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन | MDR शून्य |
| ग्राहकों से MDR वसूली | अनुमति नहीं |
| प्रस्तावित स्थगन | 31 दिसंबर 2026 तक |
| सुझाई गई नई तारीख | 1 जनवरी 2027 |
FAQs
1. क्या 15 अक्टूबर से UPI पर MDR लागू नहीं होगा?
स्रोत के अनुसार, व्यापारी संगठनों ने MDR को 31 दिसंबर 2026 तक टालने का प्रस्ताव दिया है. हालांकि, NPCI ने अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया है.
2. प्रस्तावित MDR कितना है?
₹2,000 से अधिक के पात्र P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR प्रस्तावित है. इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है.
3. क्या हर UPI भुगतान पर MDR लगेगा?
नहीं. प्रस्ताव के अनुसार ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान और सभी P2P UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे.
4. क्या ग्राहक से MDR वसूला जाएगा?
स्रोत के अनुसार, ग्राहकों से MDR वसूलने की अनुमति नहीं होगी.
5. RuPay डेबिट कार्ड से भुगतान पर MDR लगेगा?
स्रोत के अनुसार, RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर MDR शून्य रहेगा.
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