नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में एक बार फिर जंग की आहट तेज हो गई है. अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ एक बेहद आक्रामक और संयुक्त सैन्य अभियान की शुरुआत कर दी है. हवा और समुद्र से दागी जा रही मिसाइलों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है.
इजरायल ने हमले के साथ ही देशभर में ‘तत्काल आपात स्थिति’ घोषित कर दी. सायरनों की तेज आवाज ने आम नागरिकों को घरों और बंकरों में शरण लेने पर मजबूर कर दिया. सड़कों पर सन्नाटा और आसमान में गूंजती चेतावनियां यह मंजर किसी बड़े टकराव की शुरुआत का संकेत दे रहा है.
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दिनदहाड़े हमला: चौंकाने की रणनीति
आमतौर पर बड़े सैन्य ऑपरेशन रात के अंधेरे में अंजाम दिए जाते हैं, लेकिन इस बार रणनीति अलग रही. रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती हमलों के लिए सुबह का समय जानबूझकर चुना गया, ताकि ईरान को पूरी तरह चौंकाया जा सके. दिन के उजाले में इतने बड़े और सटीक हमले की किसी को उम्मीद नहीं थी.
चार दिन का शुरुआती चरण
सूत्रों के अनुसार, यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है. इस संयुक्त अभियान का शुरुआती चरण कम से कम चार दिनों तक चल सकता है. इजरायली अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि वे कई दिनों तक सीधे टकराव के लिए तैयार हैं. इससे साफ है कि यह कार्रवाई लंबी खिंच सकती है.
निशाने पर क्या?
हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमता और रणनीतिक ढांचे को कमजोर करना बताया जा रहा है. हवा और समुद्र से दागी गई मिसाइलों ने ईरानी शासन के प्रमुख ठिकानों और महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया है.
क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में दावा किया कि अमेरिका ने ईरान में बड़ा कॉम्बैट ऑपरेशन शुरू किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है और लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे.
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कूटनीतिक वार्ताओं के विफल होने के बाद यह सैन्य कार्रवाई हुई है. ट्रंप पहले भी साफ कर चुके थे कि बातचीत की रफ्तार से वे संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना था कि कभी-कभी बल प्रयोग करना ही पड़ता है. संक्षेप में कहें तो, यह हमला केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़ा रणनीतिक संदेश भी है. मध्य-पूर्व की धरती पर छिड़ी यह आग आने वाले दिनों में किस दिशा में जाएगी, यह कहना मुश्किल है. लेकिन इतना तय है दुनिया की नजरें अब ईरान, अमेरिका और इजरायल पर टिकी हैं, और हर पल हालात बदल सकते हैं.


