Vindhya Expressway: उत्तर प्रदेश को चार अन्य राज्यों से जोड़ने और पूर्वांचल में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के दिशा में विंध्य एक्सप्रेसवे एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है. प्रयागराज से भदोही और मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक बनने वाला यह 333 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे क्षेत्र के औद्योगिक विकास, व्यापार और पर्यटन को नई गति देगा. प्रदेश सरकार की मंत्रिपरिषद से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट को तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
प्रयागराज के 84 गांव होंगे प्रभावित, सत्यापन का काम जारी
एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए प्रयागराज की तीन प्रमुख तहसीलों सोरांव, फूलपुर और हंडिया के कुल 84 गांव प्रभावित हो रहे हैं. जमीन अधिग्रहण और बैनामे (Registry) की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी द्वारा गहन सत्यापन किया जा रहा है. प्रथम चरण में सोरांव के 15, फूलपुर के 18 और हंडिया के 12 गांवों की फाइलें भेजी गई थीं. सत्यापन के दौरान 41 गांवों (सोरांव-14, फूलपुर-16, हंडिया-11) के खतौनी और काश्तकारों के नामों में मिली त्रुटियों को दुरुस्त कर फाइलें वापस कार्यदायी संस्था यूपीसीडा (UPSIDA) को भेज दी गई हैं.
वहीं दूसरे चरण के 33 गांवों की फाइलों का सत्यापन फिलहाल जारी है.अंतिम चरण में शेष 6 गांवों की फाइलें भी जल्द सत्यापन के लिए भेजी जाएंगी.सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काश्तकारों की जमीन के बैनामे शुरू किए जाएंगे, जिसमें 4 से 5 महीने का समय लगने की संभावना है. बैनामा पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
चार राज्यों से सीधा संपर्क और बेहतर लॉजिस्टिक्स
सोनभद्र की सीमाएं बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड से लगती हैं. प्रयागराज से सोनभद्र के लिए वर्तमान में सीमित रेल सेवाएं ही उपलब्ध हैं. ऐसे में विंध्य एक्सप्रेसवे सड़क परिवहन के लिहाज से इन राज्यों के बीच माल की आवाजाही को सुगम और तेज बनाएगा. साथ ही रीवा रोड पर वाहनों का दबाव कम होगा.
औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों ने किया स्वागत
प्रयागराज के प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों ने विंध्य एक्सप्रेसवे को क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा कदम बताया है. भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (महानगर अध्यक्ष, योगेश गोयल) के बताया कि किसी भी क्षेत्र की तरक्की के लिए मजबूत आधारभूत संरचना (Infrastructure) जरूरी है. इस एक्सप्रेसवे से प्रयागराज के उद्योगों को आने वाले समय में बहुत बड़ा लाभ मिलेगा. वहीं नैनी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव नायर ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों से कच्चा व तैयार माल कम समय में पहुंच सकेगा. सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है, हालांकि हमारी गुजारिश है कि टोल की दरें सस्ती रखी जाएं.
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वहीं प्रयागराज ऑटोमोबाइल्स एसोसिएशन अध्यक्ष सुशील खरबंदा ने कहा कि एक्सप्रेसवे बनने से यात्रा का समय घटेगा और रीवा रोड का ट्रैफिक सुधरेगा. इससे पर्यटकों की समय-बचत होगी, जिससे होटल और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को सीधा फायदा मिलेगा. बता दें कि इसकी लंबाई 333 किलोमीटर है. इसे बनाने के लिए सरकार ने 3 साल का लक्ष्य रखा है.


