UP News: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी, प्रदेश के किनारे करीब 25,000 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक गलियारा विकसित करने की तैयारी तेज कर दी गई है. इस परियोजना के तहत कई औद्योगिक कॉलोनियां बसाई जाएंगी, जिससे लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने पुराने और नए नोड्स पर भूमि क्रय और अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए हैं.
27 पुराने नोड्स पर भूमि क्रय की प्रगति
यूपीडा द्वारा 27 पुराने नोड्स पर भूमि क्रय और अर्जन का कार्य जारी है. अब तक 5000 हेक्टेयर से अधिक भूमि चिन्हित की जा चुकी है, जिसमें 85 प्रतिशत से ज्यादा जमीन आपसी सहमति से खरीदी जा चुकी है. शेष भूमि का अधिग्रहण भी तेजी से कराया जा रहा है, ताकि औद्योगिक विकास कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू हो सके.
इन जिलों में बनेंगे इंडस्ट्रियल क्लस्टर
मैनपुरी, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, जौनपुर, भदोही, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, मुजफ्फरनगर, लखनऊ, शामली, बिजनौर, बरेली, सीतापुर, रामपुर, कासगंज, सहारनपुर, बागपत और हाथरस सहित कई जिलों में औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे. इन जनपदों से भूमि संबंधी प्रस्ताव मांगे गए हैं, ताकि एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक गलियारे को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके.
अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि एक्सप्रेस-वे और लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे उपयुक्त स्थलों का चिन्हीकरण शीघ्र किया जाए. साथ ही, सभी नोडल अपर जिलाधिकारियों से जनपदवार रिपोर्ट मांगी गई है. आपत्तियों की समीक्षा कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं तेज बनाने पर जोर दिया गया है.
85 प्रतिशत से अधिक भूमि आपसी सहमति से खरीदी
चिन्हित 5000 हेक्टेयर भूमि में से 85 प्रतिशत से अधिक जमीन आपसी सहमति से क्रय की जा चुकी है, जो परियोजना के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. शेष भूमि के लिए अधिग्रहण की कार्यवाही तीव्र गति से जारी है. यूपीडा की टीम द्वारा परीक्षण के बाद आगे की विकास प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.
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नए लक्ष्य के अनुरूप तेजी से प्रस्ताव आमंत्रित
नए लक्ष्य के तहत 25,000 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि चिन्हित करने की तैयारी है. इसके लिए सभी संबंधित जिलों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस सप्ताह प्रारंभिक प्रस्ताव यूपीडा को उपलब्ध कराएं. प्रस्तावों की समीक्षा के बाद भूमि का परीक्षण कर औद्योगिक गलियारे के विस्तार की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, जिससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई गति मिल सके.


