UP News: पश्चिमी यूपी वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. बता दें कि नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) अब नमो भारत रैपिड रेल नेटवर्क का विस्तार मेरठ से आगे बागपत, खुर्जा, बुलंदशहर और हापुड़ तक करने जा रही है. दूसरे चरण में तीन नए कॉरिडोर दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत, गाजियाबाद-खुर्जा और गाजियाबाद-हापुड़ को प्राथमिकता दी गई है. इन परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है और बजट 2026-27 में 2200 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है.
फिलहाल नई दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर ट्रेनें संचालित हो रही हैं. अब इसी नेटवर्क को पश्चिमी यूपी के अंदरूनी शहरों तक जोड़ने की तैयारी है.
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दिल्ली से बागपत तक सीधी हाईस्पीड कनेक्टिविटी
करीब 56 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत कॉरिडोर, शाहदरा, लोनी और खेकड़ा होते हुए बागपत और बड़ौत तक जाएगा. अभी सड़क मार्ग से दिल्ली से बड़ौत पहुंचने में ढाई से तीन घंटे लगते हैं, लेकिन 180 किमी प्रति घंटा की डिजाइन स्पीड और 160 किमी प्रति घंटा की परिचालन गति के साथ यह दूरी 50-60 मिनट में तय हो सकेगी. इससे NH-709B पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी.
गाजियाबाद-खुर्जा कॉरिडोर
वहीं करीब 45-50 किलोमीटर लंबा गाजियाबाद-खुर्जा कॉरिडोर बुलंदशहर जिले को हाईस्पीड नेटवर्क से जोड़ेगा. प्रस्तावित स्टेशन गाजियाबाद, डासना, गुलावठी, बुलंदशहर और खुर्जा होंगे। यह रूट गाजियाबाद RRTS स्टेशन पर दिल्ली-मेरठ लाइन से इंटरचेंज करेगा. सिरेमिक उद्योग के लिए मशहूर खुर्जा को इससे बड़ा लाभ मिलेगा. अभी गाजियाबाद से खुर्जा पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे लगते हैं, लेकिन नमो भारत से यह दूरी 30-35 मिनट में सिमट जाएगी.
गाजियाबाद से हापुड़ का सफर सिर्फ 20 मिनट में
करीब 30-35 किलोमीटर लंबा गाजियाबाद-हापुड़ कॉरिडोर NH-9 (पुराना NH-24) के समानांतर विकसित होगा. यह शहीद स्थल से शुरू होकर कवि नगर, वेव सिटी और पिलखुआ होते हुए हापुड़ रेलवे स्टेशन तक जाएगा. अभी गाजियाबाद से हापुड़ पहुंचने में एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है, लेकिन रैपिड रेल इसे घटाकर 20-25 मिनट कर देगी. पिलखुआ के टेक्सटाइल कारोबार और हापुड़ की अनाज मंडी को इससे सीधा फायदा होगा.
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इन नए कॉरिडोरों के जुड़ने से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी तैयार होगी. छात्रों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए नमो भारत रैपिड रेल अब सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि विकास और रफ्तार का नया प्रतीक बनती नजर आ रही है.


