Who is New Supreme Leader of Iran: ईरान की राजनीति इस वक्त उबाल पर है. खबरें आ रही हैं कि देश के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक पद सुप्रीम लीडर के लिए मोज्तबा खामेनेई का नाम सामने आया है. हालांकि अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चर्चाओं ने तेहरान की सियासत में हलचल जरूर बढ़ा दी है.
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कितनी है मोज्तबा की नेटवर्थ?
मोज्तबा खामेनेई की सटीक नेटवर्थ सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उनके पास अरबों डॉलर का निवेश साम्राज्य है. साल 2019 में अमेरिका ने उन पर प्रतिबंध लगाया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिमी देशों में उनकी बड़ी संपत्तियां और निवेश हैं.
कहा जाता है कि उनके पास 138 मिलियन पाउंड से अधिक कीमत की एक ब्रिटिश लग्जरी प्रॉपर्टी भी है. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. उनकी कुल संपत्ति को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जाते रहे हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है.
परिवार और निजी जीवन
मोज्तबा की शादी जहरा हदद-अदेल से हुई है, जो ईरान के वरिष्ठ कंजर्वेटिव नेता गुलाम-अली हदद-अदेल की बेटी हैं. हदद-अदेल ईरानी संसद के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं.
बताया जाता है कि मोज्तबा और जहरा की शादी 2004 में हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं, हालांकि इस बारे में आधिकारिक जानकारी सीमित है। कुछ रिपोर्ट्स में जहरा की मौत की भी चर्चा हुई है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है.
अब तक क्या रही भूमिका?
मोज्तबा खामेनेई किसी आधिकारिक सरकारी पद पर नहीं रहे हैं और न ही उन्हें उच्च धार्मिक पद मिला है. हालांकि माना जाता है कि पर्दे के पीछे से उनका प्रभाव रहा है. वे ईरान-इराक युद्ध के दौरान सैन्य सेवा में भी रह चुके हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्हें सुप्रीम लीडर चुना जाता है तो इसका विरोध भी हो सकता है, क्योंकि ईरान में पिता से पुत्र को यह पद मिलना परंपरागत रूप से संवेदनशील मुद्दा माना जाता है.
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रिवॉल्यूशनरी गार्ड का समर्थन
मोज्तबा के ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) से करीबी संबंध बताए जाते हैं। कहा जा रहा है कि Assembly of Experts ने उनका चयन किया है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि यह फैसला दबाव में लिया गया.
फिलहाल ईरान की सियासत में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और आधिकारिक ऐलान का इंतजार किया जा रहा है. जब तक औपचारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इन खबरों को अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है.


