Who is Aastha Jain: संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. इस बार देशभर के युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन उत्तर प्रदेश के शामली की एक बेटी ने अपनी मेहनत और लगन से खास पहचान बनाई. शामली की रहने वाली आस्था जैन ने ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर दिया.
साधारण परिवार से निकलकर बनी मिसाल
आस्था जैन उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला कस्बे की रहने वाली हैं. उनके पिता एक छोटी बेकरी चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. तीन बहनों में आस्था दूसरे नंबर पर हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हमेशा पढ़ाई को प्राथमिकता दी और अपने सपनों को बड़ा रखा.
पहले ही प्रयास में बनी थीं IPS
आस्था जैन ने कम उम्र में ही बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली थी. महज 22 साल की उम्र में उन्होंने अपने पहले प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 131वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उनका चयन IPS के लिए हुआ. इस समय वह सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग कर रही थीं. ट्रेनिंग के साथ-साथ उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और दूसरे प्रयास में जबरदस्त छलांग लगाते हुए 9वीं रैंक हासिल कर ली.
सेल्फ स्टडी से पाई बड़ी सफलता
आस्था की सफलता की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने सेल्फ स्टडी और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया. लगातार मेहनत और फोकस ने उन्हें देश के टॉप 10 में पहुंचा दिया. अब उनकी यह रैंक उन्हें IAS बनने का मौका दिला सकती है.
इस साल कितने अभ्यर्थी हुए सफल
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में कुल 958 उम्मीदवारों को विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के लिए चुना गया है. इनमें 317 सामान्य वर्ग, 104 EWS, 306 OBC, 158 SC, 73 ST के अभ्यर्थी शामिल हैं.
आस्था जैन की मां ने क्या कहा?
वहीं आस्था जैन की मां ममता जैन ने कहा कि हर मां बाप को अपनी बेटी पर विश्वास करके बाहर पढ़ाई के लिए भेजना चाहिए. मुझे अपनी बेटी पर विश्वास था. उन्होंने कहा कि मेरी तीन बेटियां हैं, एक बेटी पूणे में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है. दूसरी बेटी गुरुग्राम में जॉब कर रही है. एक बेटा डीयू में पढ़ाई कर रहा है. हमने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए खूब मेहनत की. हर मां बाप को भी अपने बच्चों के लिए मेहनत करनी चाहिए.
वहीं पिता अजय कुमार जैन ने बताया कि वह बेकरी की दुकान चलाते हैं. उनकी बेटी की आईपीएस की दो महीने की ट्रेनिंग रह गई है. उन्होंने कहा कि अपने सभी बच्चों को पढ़ाई के लिए समान मौका दिया. हर मां बाप से भी यही अपील है कि अपने बच्चों को समान मौका दें. बेटी का बचपन से ही सपना था कि वह आईएएस बने. उन्होंने कहा कि बेटी जिम्मेदार अफसर बने, बस यही सपना है.


