नई दिल्ली: नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. लंबे समय से जिस मेट्रो कनेक्टिविटी का इंतजार किया जा रहा था, अब वह सपना जल्द हकीकत बन सकता है. नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सेक्टर-51 से किसान चौक (ग्रेटर नोएडा वेस्ट) तक मेट्रो चलाने के लिए संशोधित डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर ली है. इसे जल्द ही केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इस प्रोजेक्ट को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सामने पेश किया जाएगा, जिसके बाद पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड अंतिम लागत और मंजूरी पर फैसला करेगा.
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केंद्र सरकार को भेजा गया प्रस्ताव
इस मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए संशोधित डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसे जल्द ही आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में प्रस्तुत किया जाएगा. इसके बाद पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड में इसकी लागत और मंजूरी पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिससे परियोजना को हरी झंडी मिलने का रास्ता साफ होगा.
इस योजना में बदलाव की बड़ी वजह नमो भारत ट्रेन यानी आरआरटीएस का प्रस्तावित रूट है, जो अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. इसी कारण मेट्रो प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, ताकि भविष्य में दोनों परियोजनाओं के बीच किसी प्रकार का टकराव न हो और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके.
पांच नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे
संशोधित योजना के तहत करीब 7.5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर पांच नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे. इनमें सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (किसान चौक के पास) शामिल हैं. इन स्टेशनों के बनने से आसपास के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों को सीधे मेट्रो कनेक्शन मिलेगा, जिससे यात्रा और भी आसान हो जाएगी.
कितना होगा खर्च?
इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 1250 करोड़ रुपये बताई जा रही है. तेजी से विकसित हो रहे ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसी अनुपात में ट्रांसपोर्ट सुविधाएं विकसित नहीं हो पाई हैं. ऐसे में यह मेट्रो प्रोजेक्ट न केवल यातायात सुधार करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और रियल एस्टेट विकास को भी गति देगा.
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स्थानीय निवासियों द्वारा लंबे समय से मेट्रो की मांग की जा रही थी, जिसे लेकर कई बार प्रदर्शन भी हुए. यह मुद्दा हाल ही में संसद के उच्च सदन राज्य सभा में भी उठाया गया. अब इस नई योजना से उम्मीद है कि जल्द मंजूरी मिलते ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट को बेहतर कनेक्टिविटी और जाम से राहत का बड़ा तोहफा मिलेगा.


