Ganga Expressway latest update: गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे है, जिसकी कुल लंबाई 594 किलोमीटर है और यह मेरठ से प्रयागराज तक बनाया जा रहा है. यह परियोजना राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रा समय को काफी कम करेगी. इसके जरिए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी.
इस एक्सप्रेस-वे का संचालन अप्रैल में शुरू करने की योजना थी, लेकिन तकनीकी और फिनिशिंग कार्य अधूरे रहने के कारण इसे टाल दिया गया. अधिकारियों के अनुसार, लेन मार्किंग, साइन बोर्ड, टोल प्लाजा और सुरक्षा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण काम अभी बाकी हैं. इन कार्यों को पूरा करने में लगभग दो महीने का समय लगेगा, जिससे अब जून में उद्घाटन की संभावना जताई जा रही है.
बदायूं जिले में इस एक्सप्रेस-वे का सबसे लंबा हिस्सा, करीब 95 किलोमीटर, गुजरता है. यह सभी 12 जिलों में सबसे बड़ा खंड है, जहां निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. इस सेक्शन का निर्माण Adani Group द्वारा किया गया है, जो इस परियोजना में प्रमुख निर्माण एजेंसी के रूप में शामिल है.
शाहजहांपुर के आगे कुछ जिलों में अभी भी कई जरूरी काम जारी हैं. इनमें सड़क की लेन मार्किंग, टोल बूथ का निर्माण, साइन बोर्ड की स्थापना और अन्य सुरक्षा इंतजाम शामिल हैं. इन अधूरे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए संबंधित एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं, ताकि एक्सप्रेस-वे को सुरक्षित रूप से चालू किया जा सके.
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) इस परियोजना की निगरानी कर रहा है. मार्च में टोल प्लाजा पर ट्रायल रन किया गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने पूरी सड़क का निरीक्षण किया. अब अप्रैल और मई में दो और ट्रायल प्रस्तावित हैं, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम संचालन की मंजूरी दी जाएगी.
गंगा एक्सप्रेस-वे के साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है. बदायूं में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) विकसित किया जाएगा. इसके तहत घटपुरी, औरंगाबाद माफी और कुतुबपुरथरा गांवों में लगभग 269 एकड़ भूमि पर औद्योगिक गलियारा तैयार होगा, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे.
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यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है, लेकिन अधिकारियों द्वारा सुरक्षा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है. इसी कारण जल्दबाजी से बचते हुए सभी परीक्षण और निर्माण कार्य पूरे किए जा रहे हैं. फिलहाल लोगों की नजर जून महीने पर टिकी है, जब इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेस-वे को आम जनता के लिए खोलने की संभावना है.


