Prayagraj News: प्रयागराज के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जहां रिंग रोड के दूसरे फेज को लेकर अहम अपडेट सामने आई है. इस परियोजना से शहर में लगने वाले भारी जाम से काफी हद तक छुटकारा मिलने की उम्मीद है. खास बात यह है कि इस फेज के लिए 41 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिससे किसानों को सरकार की ओर से अच्छा मुआवजा मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है.
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पहले चरण में कितना होगा काम?
रिंग रोड परियोजना का दूसरा चरण शहर के ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. जानकारी के अनुसार, इस फेज का निर्माण कार्य सितंबर महीने से शुरू होने की संभावना है. पहले चरण में लगभग 30 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण जारी है, जिससे दूसरे फेज के पूरा होने पर शहर के चारों ओर बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होगी और वाहनों का दबाव मुख्य सड़कों से कम होगा.
दूसरे चरण में कितना होगा काम?
दूसरे चरण में कुल 41 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाया जाएगा, जो शहर के बाहरी हिस्सों को जोड़ते हुए एक मजबूत परिवहन नेटवर्क तैयार करेगा. इस निर्माण कार्य में 41 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी. परियोजना के तहत सड़क, नहर और रेलवे लाइन के नीचे से करीब 120 भूमिगत पुलियों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे यातायात सुगम और सुरक्षित बन सकेगा.
रिंग रोड का दूसरा फेज सोरांव तहसील के एनएच-19 के पास स्थित माधोपुर गांव से शुरू होकर करछना तहसील के अमिलिया गांव तक जाएगा. यह मार्ग शहर के बाहरी क्षेत्रों को आपस में जोड़ते हुए ट्रैफिक को डायवर्ट करने में अहम भूमिका निभाएगा. इससे शहर के भीतर आने वाले भारी वाहनों को बाहर से ही रास्ता मिल जाएगा और भीड़भाड़ में कमी आएगी.
चार फ्लाईओवर और तीन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण
इस परियोजना में गंगा और यमुना नदियों पर दो बड़े सिक्स लेन पुल बनाए जाएंगे, जो इसकी खासियत को और बढ़ाते हैं. गंगा पर करीब 3.5 किलोमीटर लंबा पुल बनेगा, जबकि यमुना पर लगभग 1.2 किलोमीटर लंबा पुल तैयार किया जाएगा. इन पुलों के निर्माण से दोनों किनारों के बीच कनेक्टिविटी तेज और सुगम होगी. रिंग रोड के दूसरे चरण में केवल सड़क ही नहीं बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का भी ध्यान रखा गया है. इस फेज में चार फ्लाईओवर और तीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण किया जाएगा. इससे रेलवे क्रॉसिंग और व्यस्त चौराहों पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और यात्रा का समय कम होगा, जिससे आम लोगों को काफी सुविधा होगी.
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National Highways Authority of India इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटा है. अधिकारियों के मुताबिक, डीपीआर तैयार हो चुका है और आने वाले छह महीनों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. जैसे ही अधिग्रहण पूरा होगा, निर्माण कार्य को गति दी जाएगी, जिससे यह परियोजना जल्द ही धरातल पर नजर आने लगेगी और शहर को जाम से राहत मिलेगी.


