Desi Ghee in up: क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के किस जिले को ‘देसी घी का शहर’ कहा जाता है? माना जाता है कि यहां शुद्ध देसी घी आसानी से उपलब्ध होता है. देसी घी का सीमित मात्रा में सेवन पाचन सुधारने, हड्डियों को मजबूत बनाने और इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक माना जाता है. आइए जानते हैं इस खास जिले के बारे में…
हड्डियों और जोड़ों को बनाता है मजबूत
देसी घी जोड़ों के लुब्रिकेशन में मदद करता है और कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाता है. इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है. नियमित लेकिन सीमित मात्रा में इसका सेवन शरीर को अंदर से मजबूती देता है और उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्याओं को कम करता है.
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पाचन और आंतों के लिए लाभकारी
घी में मौजूद ब्यूटिरिक एसिड आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और पाचन अग्नि को मजबूत करता है. सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ घी लेने से कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. यह आंतों को चिकनाई देता है और शरीर के पाचन तंत्र को सुचारु रूप से चलाने में सहायक होता है.
स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद देसी घी
देसी घी सीमित मात्रा में सेवन करने पर पाचन को सुधारता है और शरीर को ऊर्जा देता है. इसमें मौजूद विटामिन A, D, E और K आंखों, त्वचा और हड्डियों के लिए लाभकारी होते हैं. साथ ही यह शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है, जिससे कई बीमारियों से बचाव होता है.
एक जिला एक उत्पाद योजना से पहचान
साल 2018 में शुरू हुई ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत इन जिलों को उनके विशेष उत्पादों के लिए पहचान मिली. इस योजना ने घी उत्पादन को बढ़ावा दिया और स्थानीय कारीगरों व किसानों को आर्थिक मजबूती दी. इससे इन क्षेत्रों का घी राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक लोकप्रिय हो गया.
पारंपरिक तरीके से बनता है शुद्ध घी
इन जिलों में दही को मटकी में जमाया जाता है और फिर लकड़ी के बिलौने से मक्खन निकाला जाता है. इस मक्खन को धीमी आंच पर पकाकर देसी घी बनाया जाता है. यही पारंपरिक प्रक्रिया घी को शुद्ध, खुशबूदार और पौष्टिक बनाती है, जो बाजार में मिलने वाले घी से अलग पहचान देती है.
देसी घी का शहर
उत्तर प्रदेश का इटावा जिला ‘देसी घी का शहर’ के नाम से जाना जाता है. यहां बनने वाला घी अपनी शुद्धता और स्वाद के लिए पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में मशहूर है. इटावा के ग्रामीण इलाकों में आज भी पारंपरिक तरीके से घी तैयार किया जाता है, जिससे इसकी गुणवत्ता बनी रहती है और लोगों का भरोसा भी कायम रहता है.
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औरैया भी घी उत्पादन में अग्रणी
इटावा से अलग होकर बना औरैया जिला भी घी उत्पादन के लिए काफी प्रसिद्ध है. यहां बड़े पैमाने पर पशुपालन होता है, जिससे दूध और उससे बने उत्पादों की भरपूर उपलब्धता रहती है. औरैया का घी स्वाद में लाजवाब होता है और स्थानीय बाजारों के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी इसकी मांग लगातार बनी रहती है.


