Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अब लेन ड्राइविंग सिस्टम पूरी तरह लागू कर दिया गया है. यानी अब जिस लेन में मन किया, वहां गाड़ी चला दी वाला दौर खत्म. तय लेन और तय गति दोनों का पालन करना अब अनिवार्य है, वरना सीधे ऑनलाइन चालान आपके मोबाइल तक पहुंचेगा.
ट्रैफिक अनुशासन बढ़ाना
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लेन ड्राइविंग सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिसमें हर वाहन को तय लेन और निर्धारित गति सीमा का पालन करना अनिवार्य किया गया है. इस नियम का उल्लंघन करने पर वाहन चालकों के खिलाफ ऑनलाइन चालान किया जाएगा.
इसका मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक अनुशासन बढ़ाना और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है.
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इस नई व्यवस्था को राहुल प्रकाश के निर्देशन में पुलिस और हाईवे अथॉरिटी द्वारा लागू किया गया है. अधिकारियों का मानना है कि पहले वाहन चालक बिना लेन नियमों के कहीं भी वाहन चला लेते थे, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता था. अब सख्ती से नियम लागू कर सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है.
80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तय किया गया
‘मिशन सेफ’ अभियान के तहत लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि लोगों को लेन अनुशासन और ओवरस्पीडिंग से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है. दौसा पुलिस और NHAI के सहयोग से विशेष अभियान चलाया गया है, जिसमें ड्रोन और कैमरों की मदद से हाईवे पर निगरानी रखी जा रही है ताकि नियमों का सख्ती से पालन हो सके. लेन ड्राइविंग सिस्टम के तहत पहली लेन भारी वाहनों जैसे ट्रक और ट्रेलर के लिए निर्धारित की गई है,
जिनकी अधिकतम गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा तय की गई है. इस लेन में केवल धीमी गति और भारी लोड वाले वाहन ही चलेंगे, जिससे ट्रैफिक का संतुलन बना रहेगा और तेज रफ्तार वाहनों के लिए अलग रास्ता उपलब्ध रहेगा.
नियम तोड़ते ही ऑनलाइन चालान
दूसरी और तीसरी लेन क्रमशः बसों और कार जैसे मध्यम व तेज रफ्तार वाहनों के लिए निर्धारित की गई हैं, जिनकी गति सीमा 100 और 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है. वहीं चौथी लेन को ओवरटेकिंग और आपातकालीन सेवाओं के लिए आरक्षित रखा गया है, जिससे एम्बुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं को बिना बाधा तेज गति से गुजरने में मदद मिले.
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हाईवे अथॉरिटी ने इस नए सिस्टम को सफल बनाने के लिए पोस्टर, कैमरे और ड्रोन निगरानी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग शुरू किया है. पहले चरण में लोगों को जागरूक किया गया, जबकि अब नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान किया जा रहा है. इससे एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं में कमी आने और यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने की उम्मीद जताई जा रही है.


