UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी की मार झेल रहे नागरिकों के लिए मौसम विभाग ने एक महत्वपूर्ण और राहत भरी जानकारी साझा की है. मई के शुरुआती सप्ताह में जिस तरह से पारा 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा था, उससे अब राहत मिलने की उम्मीद है. 9 मई को लेकर जारी किए गए ताजा बुलेटिन के अनुसार, पूर्वांचल सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है.
भीषण आंधी और 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और स्थानीय वायुमंडलीय दबाव में बदलाव के कारण पूर्वांचल के जिलों में एक सक्रिय वेदर सिस्टम बन रहा है. इसके प्रभाव से प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर और महाराजगंज जैसे जनपदों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी आंधी चलने की संभावना है.
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अचानक आने वाले इस बदलाव से आसमान में धूल की चादर छा सकती है, जिससे दृश्यता (visibility) कम होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है.
गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग ने केवल आंधी ही नहीं, बल्कि भारी गरज-चमक के साथ बारिश का भी ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. विशेष रूप से वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज मंडलों में बिजली गिरने (वज्रपात) की प्रबल आशंका है. इस दौरान बादल छाए रहने से सीधे धूप का असर खत्म होगा, जिससे लू (Heat Wave) की स्थिति से तत्काल निजात मिलेगी.
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान लोग ऊंचे पेड़ों, जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों या मोबाइल टावरों के नीचे शरण न लें. आसमानी बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदान में रहना जानलेवा साबित हो सकता है.
तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत
पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में ‘हीट इंडेक्स’ काफी ऊपर बना हुआ था. रात का तापमान भी सामान्य से अधिक होने के कारण लोगों को उमस और गर्मी से चैन नहीं मिल रहा था. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 9 मई को होने वाली इस मौसमी गतिविधि के बाद अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. इससे न केवल दिन के समय लू का असर कम होगा, बल्कि रातों में भी ठंडक महसूस होगी.
किसानों की बढ़ी मुश्किलें, फसलों पर संकट
जहाँ आम जनता के लिए यह बारिश सुकून लेकर आ रही है, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं. उत्तर प्रदेश में इस समय गेहूं की कटाई का अंतिम चरण चल रहा है और मंडियों में अनाज का भंडारण जारी है. तेज हवाओं के कारण कटी हुई फसल के उड़ने और भीगने का डर है.
पूर्वांचल में आम की बागवानी करने वाले किसानों के लिए 50 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं काफी नुकसानदेह साबित हो सकती हैं, क्योंकि इससे कच्चे फल झड़ने का खतरा बढ़ जाता है. कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों को तिरपाल से ढककर रखें और सिंचाई का काम फिलहाल रोक दें.
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प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा उपाय
बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि तेज आंधी से बिजली के तार टूटने और खंभे गिरने की घटनाएं अक्सर होती हैं. आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ‘दामिनी’ ऐप (वज्रपात की चेतावनी देने वाला सरकारी ऐप) का उपयोग करें ताकि बिजली गिरने की पूर्व सूचना मिल सके.


