UP Link Expressway: उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी की रफ्तार को और धार देने के लिए योगी सरकार की चार बड़ी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को लेकर एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है. लंबे समय से कछुआ गति से चल रही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अब शासन स्तर पर हरी झंडी मिलने के बाद तेज कर दिया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती और स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की सीधी मॉनिटरिंग के बाद जमीनी स्तर पर काम दिखने लगा है. सबसे बड़ी बात यह है कि किसानों को अब जमीन के बदले बढ़ा हुआ मुआवजा मिलेगा, जिससे ग्रामीणों में भी खुशी का माहौल है.
इन 4 लिंक एक्सप्रेसवे से बदलेगी यूपी की सूरत
प्रदेश में जिन चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर काम होना है, उनमें आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं. इन परियोजनाओं के लिए कुल 3678 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है, लेकिन अब तक केवल 491 हेक्टेयर जमीन ही अधिग्रहित हो सकी थी. इसी वजह से परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई थी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई हाई लेवल बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि मई महीने के भीतर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाए. उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर समस्याओं का समाधान निकालने पर जोर दिया था. इसके बाद स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन ने परियोजनाओं की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है.
मैनपुरी के किसानों की चमकी किस्मत
अगर बात करें जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की, तो यह बुलंदशहर के बन्नीपुर के पास गंगा एक्सप्रेसवे से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बनाया जाएगा. इसकी लंबाई करीब 80 किलोमीटर होगी. वहीं 92 किलोमीटर लंबा फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे इटावा के कुदरैल क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 70 किलोमीटर प्रस्तावित है, जबकि झांसी लिंक एक्सप्रेसवे करीब 115 किलोमीटर लंबा होगा.
भूमि अधिग्रहण की स्थिति पर नजर डालें तो जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 837 हेक्टेयर भूमि में से 205 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित हो चुकी है. फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1116 हेक्टेयर में से 281 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है. हालांकि झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे में अधिग्रहण की रफ्तार अभी काफी धीमी है.
30 मई तक रजिस्ट्री पूरी करने का डेडलाइन
इस बीच मैनपुरी जिले के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है. फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण में प्रशासन ने सर्किल रेट बढ़ाकर मुआवजा राशि 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी है. इससे करीब 250 किसानों को सीधा फायदा मिलेगा. यूपीडा द्वारा बनाए जा रहे इस 91 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के लिए मैनपुरी जिले में लगभग 30 किलोमीटर क्षेत्र में जमीन अधिग्रहित की जा रही है. किशनी तहसील के 15 और भोगांव तहसील के 12 गांव इस परियोजना में शामिल हैं. कई गांवों के किसान लंबे समय से बेहतर मुआवजे की मांग कर रहे थे. अब सर्किल रेट बढ़ने के बाद किसानों में खुशी है और प्रशासन को उम्मीद है कि भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया में तेजी आएगी.
जिला प्रशासन ने 30 मई तक सभी 27 गांवों में भूमि खरीद प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है. अधिकारियों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण पूरा होते ही चारों लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर तेजी से निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा.


