उत्तर प्रदेश के Fatehpur जिले में आयोजित जनता दरबार के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी का ध्यान खींच लिया. एक चाय विक्रेता ने पुलिस थाने के हेड मोहर्रिर पर कई दिनों से चाय के पैसे न देने का आरोप लगाया. शिकायत सुनते ही Fatehpur के SP Abhimanyu Manglik नाराज हो गए और मौके पर ही संबंधित पुलिसकर्मी की क्लास लगा दी.
यह घटना Chandpur थाना क्षेत्र की बताई जा रही है.
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क्या थी पूरी शिकायत?
रिपोर्ट्स के अनुसार जनता दरबार में पहुंचे चायवाले ने बताया कि थाने में नियमित रूप से चाय सप्लाई करने के बावजूद उसके करीब ₹700 बकाया हैं. उसने आरोप लगाया कि कई बार पैसे मांगने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया.
शिकायत सुनने के बाद SP Abhimanyu Manglik ने तुरंत हेड मोहर्रिर को बुलाया और पूछा कि आखिर इतने दिनों से भुगतान क्यों नहीं किया गया.
मौके पर ही करवा दिया भुगतान
बताया जा रहा है कि SP ने नाराजगी जताते हुए तुरंत चायवाले का पैसा दिलवाया. साथ ही संबंधित पुलिसकर्मी को भविष्य में ऐसी शिकायत दोबारा न आने की चेतावनी भी दी. मौजूद लोगों के अनुसार SP का कहना था कि:
- आम लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए
- छोटी रकम भी दबाकर रखना गलत है
- पुलिस की छवि जनता के भरोसे से बनती है
हालांकि आधिकारिक बयान में विस्तृत टिप्पणी सामने नहीं आई है.
जनता दरबार में पहुंचे थे SP
रिपोर्ट्स के मुताबिक SP Abhimanyu Manglik Chandpur थाने में जनसुनवाई और कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान कई स्थानीय लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे. इसी बीच चाय विक्रेता ने भी अपनी समस्या रखी, जिसके बाद पूरा मामला चर्चा में आ गया.
कौन हैं IPS Abhimanyu Manglik?
Abhimanyu Manglik 2018 बैच के IPS अधिकारी हैं और मार्च 2026 में Fatehpur के SP के रूप में तैनात किए गए थे. उनकी प्रोफाइल के अनुसार:
- वे मूल रूप से Bulandshahr के रहने वाले हैं
- Commerce background और CA qualification रखते हैं
- इससे पहले Bhadohi में भी SP रह चुके हैं
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
चाय के ₹700 वाले इस मामले की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं.कई users ने कहा कि छोटे व्यापारियों के साथ अक्सर ऐसे मामले होते हैं और समय पर कार्रवाई जरूरी है. कुछ लोगों ने SP की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए लिखा कि:
- “छोटी शिकायत भी महत्वपूर्ण होती है”
- “जनता दरबार का यही उद्देश्य है”
- “पुलिस जवाबदेही जरूरी है”
UP Police की छवि पर भी चर्चा
हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार public interaction और accountability बढ़ाने पर जोर देती दिखाई दे रही है. कई जिलों में:
- जनसुनवाई
- थाना निरीक्षण
- public grievance monitoring
- और surprise checks
जैसी गतिविधियां बढ़ी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं छोटी जरूर लगती हैं, लेकिन आम जनता के बीच पुलिस की छवि और भरोसे पर सीधा असर डालती हैं.
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छोटी शिकायत से बड़ा संदेश
यह मामला केवल ₹700 के चाय बिल तक सीमित नहीं रहा. कई लोगों ने इसे प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही से जोड़कर देखा. स्थानीय लोगों का कहना है कि:
- छोटे दुकानदारों की कमाई उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है
- सरकारी या प्रशासनिक स्तर पर समय पर भुगतान होना जरूरी है
- और आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेना सकारात्मक संदेश देता है.


