घर में लगी तुलसी सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं होती, बल्कि यह औषधीय गुणों से भरपूर एक बेहद उपयोगी पौधा भी माना जाता है. हालांकि कई लोगों की शिकायत रहती है कि कुछ समय बाद तुलसी का पौधा कमजोर होने लगता है, पत्तियां छोटी रह जाती हैं या उसकी ग्रोथ लगभग रुक जाती है. ऐसे में लोग महंगे फर्टिलाइजर खरीद लेते हैं, लेकिन कई बार घरेलू उपाय भी शानदार परिणाम दे सकते हैं.
गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार दही और उससे बनी छाछ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पौधे को जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व देने में मदद कर सकती है. सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर यह तुलसी के पौधे की ग्रोथ को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है.
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तुलसी के लिए दही क्यों फायदेमंद मानी जाती है?
दही में कैल्शियम, अच्छे बैक्टीरिया और कई सूक्ष्म पोषक तत्व मौजूद होते हैं. जब इसे सही तरीके से मिट्टी में इस्तेमाल किया जाता है तो यह मिट्टी की जैविक गतिविधि को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है.
गार्डनिंग से जुड़े कई विशेषज्ञ मानते हैं कि दही या पतली छाछ मिट्टी में मौजूद लाभकारी माइक्रोब्स को बढ़ावा दे सकती है, जिससे पौधे की जड़ों को पोषण मिलने में मदद मिलती है. यही कारण है कि कई घरेलू बागवानी प्रेमी इसे प्राकृतिक खाद की तरह इस्तेमाल करते हैं.
तुलसी में दही डालने का सही तरीका
कई लोग सीधे गाढ़ी दही पौधे में डाल देते हैं, जो सही तरीका नहीं माना जाता. इससे मिट्टी में नमी और फंगल समस्या बढ़ सकती है.
तरीका 1: पतली छाछ बनाकर इस्तेमाल करें
- 2 से 3 चम्मच दही लें
- इसे लगभग 1 गिलास पानी में अच्छी तरह मिलाएं
- मिश्रण को 24 घंटे के लिए छोड़ सकते हैं
- फिर पौधे की जड़ के आसपास थोड़ी मात्रा में डालें
इसका इस्तेमाल महीने में 1 या 2 बार करना पर्याप्त माना जाता है.
तरीका 2: कम्पोस्ट के साथ मिलाएं
कुछ गार्डनिंग एक्सपर्ट्स दही को सीधे डालने के बजाय ऑर्गेनिक कम्पोस्ट के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. इससे मिट्टी का पोषण संतुलित रहता है.
सिर्फ दही डालने से नहीं होगा काम
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तुलसी को पर्याप्त धूप नहीं मिल रही या जरूरत से ज्यादा पानी दिया जा रहा है, तो केवल दही डालने से कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा.
तुलसी की तेज ग्रोथ के लिए कुछ बुनियादी बातें भी जरूरी हैं.
रोजाना 4-6 घंटे धूप जरूरी
तुलसी सूर्य की रोशनी पसंद करने वाला पौधा ह.। यदि इसे लंबे समय तक छांव में रखा जाए तो इसकी शाखाएं लंबी लेकिन कमजोर हो सकती हैं और पत्तियां कम निकलती हैं.
गार्डनिंग विशेषज्ञों के अनुसार तुलसी को रोजाना कम से कम 4 से 6 घंटे की अच्छी धूप मिलनी चाहिए. इससे पौधा घना और मजबूत बनता है.
ज्यादा पानी देना सबसे बड़ी गलती
बहुत से लोग तुलसी को रोज पानी देते रहते हैं, जबकि जरूरत से ज्यादा पानी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है.
कब दें पानी?
- मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही पानी दें
- गमले में ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए
- बरसात में पानी कम करें
विशेषज्ञों के अनुसार ओवरवॉटरिंग तुलसी खराब होने की सबसे आम वजहों में से एक है.
मंजरी हटाने से बढ़ती है ग्रोथ
यदि तुलसी में फूल यानी मंजरी निकलने लगे तो उसे समय-समय पर हटाना चाहिए. जब पौधा बीज और फूल बनाने में ऊर्जा खर्च करता है तो नई पत्तियों और शाखाओं की ग्रोथ धीमी हो सकती है. मंजरी हटाने से पौधा ज्यादा घना और हरा-भरा बनने लगता है.
नियमित कटिंग भी है जरूरी
तुलसी को समय-समय पर हल्का प्रून करना चाहिए. इससे नई शाखाएं निकलती हैं और पौधा ऊपर की तरफ लंबा बढ़ने के बजाय चारों ओर फैलता है. गार्डनिंग विशेषज्ञ इसे तुलसी को घना बनाने का सबसे आसान तरीका मानते हैं.
कौन-सी खाद सबसे बेहतर मानी जाती है?
तुलसी के लिए भारी केमिकल फर्टिलाइजर की जरूरत नहीं होती. विशेषज्ञ इन चीजों को बेहतर मानते हैं:
- वर्मी कम्पोस्ट
- गोबर की सड़ी खाद
- घर की ऑर्गेनिक कम्पोस्ट
- पतली छाछ का सीमित उपयोग
इनसे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर रहती है और पौधे को धीरे-धीरे पोषण मिलता रहता है.
किन गलतियों से तुलसी जल्दी खराब हो सकती है?
कई बार लोग अच्छी नीयत से कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनसे पौधे को नुकसान पहुंचता है.
इन बातों से बचें
- मिट्टी में नमक डालना
- जरूरत से ज्यादा दही डालना
- लगातार गीली मिट्टी रखना
- धूप से पूरी तरह दूर रखना
- मंजरी को लंबे समय तक न हटाना
विशेषज्ञों के अनुसार मिट्टी में नमक डालना तुलसी के लिए नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि इससे जड़ों पर असर पड़ता है.
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क्या सच में दोगुनी तेजी से बढ़ सकती है तुलसी?
गार्डनिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोई भी घरेलू उपाय जादुई तरीके से रातोंरात पौधे को बड़ा नहीं बना सकता. लेकिन यदि सही धूप, संतुलित पानी, नियमित प्रूनिंग और दही या छाछ जैसे प्राकृतिक पोषण का सही इस्तेमाल किया जाए तो तुलसी की ग्रोथ में स्पष्ट सुधार देखा जा सकता है.
यही वजह है कि कई अनुभवी माली तुलसी की बेहतर ग्रोथ के लिए छाछ या दही के सीमित और सही उपयोग की सलाह देते हैं.


