Digital India कार्यक्रम के 11 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्र सरकार ने eSaras पहल की उपलब्धियों को साझा किया है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा विकसित यह सरकारी डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म देशभर के स्वयं सहायता समूहों (SHGs), महिला उद्यमियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और ग्रामीण उत्पादक समूहों को सीधे राष्ट्रीय बाजार से जोड़ रहा है.
सरकार के अनुसार, आज 8.99 करोड़ से अधिक SHG सदस्य इस इकोसिस्टम का हिस्सा हैं और 1,400 से अधिक उत्पाद eSaras प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाना, पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और 2029 तक 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ तैयार करने के लक्ष्य को गति देना है.
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क्या है eSaras?
eSaras एक सरकारी डिजिटल मार्केटप्लेस है, जिसे Digital India Corporation (DIC) ने विकसित किया है. यह दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत संचालित किया जाता है.
यह प्लेटफॉर्म ग्रामीण उत्पादकों को.
- ऑनलाइन स्टोर बनाने
- उत्पाद सूची (Product Listing) तैयार करने
- ऑर्डर प्रबंधन
- डिजिटल भुगतान
- लॉजिस्टिक्स
- राष्ट्रीय स्तर पर बिक्री
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है.
8.99 करोड़ SHG सदस्यों को मिल रहा लाभ
सरकार के अनुसार eSaras आज दुनिया के सबसे बड़े महिला-नेतृत्व वाले आजीविका नेटवर्क में से एक को समर्थन दे रहा है.
मुख्य आंकड़े.
- 8.99 करोड़ से अधिक पंजीकृत SHG सदस्य
- 1,400+ उत्पाद प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध
- 800 से अधिक खरीदार ONDC आधारित एप्लिकेशन के माध्यम से जुड़े
- 11 से अधिक Buyer Apps ONDC से एकीकृत
- हर वर्ष 50 से अधिक SARAS मेले आयोजित
इससे ग्रामीण महिलाओं को पूरे वर्ष अपने उत्पाद बेचने का अवसर मिल रहा है.
कौन-कौन से उत्पाद बिक रहे हैं?
eSaras पर देशभर के SHG और ग्रामीण उद्यमी अनेक प्रकार के उत्पाद बेच रहे हैं.
इनमें प्रमुख हैं.
- पापड़
- अचार
- चिप्स
- शहद
- मसाले
- जैम
- स्क्वैश
- कैंडी
- प्रोसेस्ड दालें
- बाजरा आधारित खाद्य उत्पाद
- डेयरी उत्पाद
- घी
- हर्बल उत्पाद
- हस्तशिल्प
- हथकरघा वस्त्र
- टेराकोटा उत्पाद
- बांस एवं केन उत्पाद
- लकड़ी की कलाकृतियां
- होम डेकोर
- ऊनी वस्त्र
इससे कृषि के अलावा भी ग्रामीण परिवारों को आय के नए स्रोत मिल रहे हैं.
महिलाओं को मिल रहा सीधा राष्ट्रीय बाजार
eSaras के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूह अब बिचौलियों पर निर्भर हुए बिना अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं.
प्लेटफॉर्म की प्रमुख सुविधाएं.
- डिजिटल ऑनबोर्डिंग
- ऑनलाइन कैटलॉग
- इन्वेंट्री मैनेजमेंट
- सुरक्षित डिजिटल भुगतान
- लॉजिस्टिक्स सपोर्ट
- ऑर्डर ट्रैकिंग
- बहुभाषी सुविधा (BHASHINI)
इससे महिलाओं की आय बढ़ रही है और वे डिजिटल अर्थव्यवस्था का सक्रिय हिस्सा बन रही हैं.
कृषि उत्पादों में बढ़ रहा वैल्यू एडिशन
सरकार केवल उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि SHG को कृषि उत्पादों का Value Addition करने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है.
उदाहरण के तौर पर.
- आलू से पैकेज्ड चिप्स
- फलों से जैम और कैंडी
- मसालों की पैकिंग
- शहद की ब्रांडिंग
- पापड़ और अचार निर्माण
इससे उत्पादों का मूल्य बढ़ता है और ग्रामीण उद्यमियों को बेहतर आय प्राप्त होती है.
डिजिटल कारोबार की दी जा रही ट्रेनिंग
ग्रामीण महिलाओं को सफल ऑनलाइन उद्यमी बनाने के लिए विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.
इनमें शामिल हैं.
- डिजिटल ऑनबोर्डिंग
- प्रोडक्ट लिस्टिंग
- ब्रांडिंग
- पैकेजिंग
- प्रोडक्ट फोटोग्राफी
- डिजिटल मार्केटिंग
- ऑर्डर मैनेजमेंट
- ग्राहक सेवा
- वित्तीय साक्षरता
- लॉजिस्टिक्स प्रबंधन
इससे महिलाएं अपना ऑनलाइन व्यवसाय स्वयं संचालित करने में सक्षम बन रही हैं.
ONDC, UMANG और BHASHINI से जुड़ा प्लेटफॉर्म
eSaras को कई सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है.
- ONDC – राष्ट्रीय डिजिटल बाजार तक पहुंच
- UMANG – सरकारी सेवाओं का एकीकरण
- BHASHINI – बहुभाषी सुविधा
- सुरक्षित डिजिटल भुगतान
- डिजिटल सत्यापन (LokOS)
- API आधारित सेवाएं
इसके अलावा दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए.
- Text-to-Speech
- टेक्स्ट साइज नियंत्रण
- बेहतर विजुअल एक्सेसिबिलिटी
जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं.
सफलता की कहानी: उत्तर प्रदेश का Falak SHG
सरकार ने उत्तर प्रदेश के खुर्जा स्थित Falak Self Help Group की सफलता का उदाहरण भी साझा किया.
पहले यह समूह अपने GI टैग प्राप्त खुर्जा पॉटरी उत्पाद केवल स्थानीय बाजारों और मेलों में बेचता था.
लेकिन eSaras से जुड़ने के बाद पिछले साढ़े तीन वर्षों से यह समूह देशभर के ग्राहकों तक अपने हस्तनिर्मित उत्पाद पहुंचा रहा है. बेहतर लॉजिस्टिक्स के कारण नाजुक पॉटरी उत्पाद भी सुरक्षित तरीके से ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं.
2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदी तैयार करना है.
eSaras इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है क्योंकि यह ग्रामीण महिलाओं को.
- राष्ट्रीय बाजार
- डिजिटल कारोबार
- बेहतर आय
- उद्यमिता
- आत्मनिर्भरता
की दिशा में आगे बढ़ा रहा है.
डिजिटल इंडिया से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत
Digital India के 11 वर्षों में eSaras जैसे प्लेटफॉर्म यह दिखाते हैं कि डिजिटल तकनीक केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है. अब गांवों की महिलाएं भी अपने उत्पाद पूरे देश में बेच रही हैं और डिजिटल माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं.
सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में ऐसे प्लेटफॉर्म ग्रामीण उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और मजबूती देंगे.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. eSaras क्या है?
eSaras सरकार का डिजिटल मार्केटप्लेस है, जहां SHG, महिला उद्यमी और FPO अपने उत्पाद देशभर में ऑनलाइन बेच सकते हैं.
2. eSaras से कितने SHG सदस्य जुड़े हैं?
सरकार के अनुसार 8.99 करोड़ से अधिक SHG सदस्य इस इकोसिस्टम का हिस्सा हैं.
3. eSaras पर कौन-कौन से उत्पाद उपलब्ध हैं?
पापड़, चिप्स, शहद, मसाले, हस्तशिल्प, हथकरघा वस्त्र, डेयरी उत्पाद, होम डेकोर, हर्बल उत्पाद सहित 1,400 से अधिक उत्पाद उपलब्ध हैं.
4. सरकार का ‘लखपति दीदी’ लक्ष्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदी तैयार करना है, जिसमें eSaras जैसी डिजिटल पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
Source: Ministry of Electronics & IT


