“सर, यह मोटर टैंकर मारिवेक्स है… जहाज पर आग लग गई है और यह डूब रहा है. अमेरिकी नौसेना का हमला हुआ है, हमारे इंजन रूम पर मिसाइल लगी है. नीचे एक छेद हो गया है. प्लीज हेल्प, प्लीज हेल्प… पूरा क्रू भारतीय है, सभी 24 लोग भारतीय हैं.”
यह उस दहला देने वाले ऑडियो (SOS कॉल) के अंश हैं, जो ओमान के तट पर अमेरिकी सेना द्वारा एक तेल टैंकर पर किए गए मिसाइल हमले के बाद सामने आया है. इस ऑडियो में भारतीय नाविक की घबराहट और मौत का खौफ साफ महसूस किया जा सकता है.
क्या है पूरा मामला?
मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव चरम पर है. इस साल की शुरुआत में ईरान द्वारा ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को बंद किए जाने के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की सैन्य नाकेबंदी (Blockade) कर रखी है.
इसी नाकेबंदी को तोड़ने के कथित प्रयास के दौरान, अमेरिकी सेना ने ‘एमटी मारिवेक्स’ (MT Marivex) नामक तेल टैंकर पर मिसाइल से सटीक निशाना साधा. हमले के वक्त पलाउ (Palau) के झंडे वाला यह जहाज एक ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था. इस जहाज पर सभी 24 क्रू मेंबर्स भारतीय थे.
‘इंजन रूम पर हमला हुआ, जहाज डूब रहा है…’
हमले के बाद जहाज पर आग लग गई और पानी भरने लगा. डूबने की आशंका के बीच भारतीय नाविकों ने तुरंत मदद की गुहार लगाई.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय समुद्री संघों को सोमवार को यह कॉल मिली थी, जिसके तुरंत बाद भारतीय अधिकारियों को अलर्ट किया गया और जहाज से उठते धुएं का वीडियो साझा किया गया.
अमेरिका ने क्यों किया टैंकर पर हमला?
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले की पुष्टि की है. CENTCOM के अनुसार, F/A-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट (जो यूएसएस अब्राहम लिंकन से उड़ा था) ने जहाज के इंजीनियरिंग और स्टीयरिंग हिस्सों पर ‘प्रिसिजन म्यूनिशन’ (सटीक निशाना लगाने वाले हथियार) से हमला किया.
अमेरिकी सेना का दावा है कि इस जहाज ने नाकेबंदी तोड़ने की चार बार कोशिश की थी. तीन बार चेतावनियों के बाद यह पीछे मुड़ा, लेकिन चौथी बार नहीं माना. हालांकि, राहत की बात यह रही कि हमले के वक्त जहाज पर कोई कार्गो (तेल या सामान) नहीं था.
‘मारिवेक्स’ (पुराना नाम: अरिहंत) पर अमेरिका ने ईरान से कथित संबंधों के कारण पहले से प्रतिबंध लगा रखा है.
ओमान और भारत का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन: सभी 24 भारतीय सुरक्षित
खौफनाक SOS कॉल मिलने के बाद, मुंबई में भारत के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (MRCC) ने ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर एक आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
बचाव अभियान की बड़ी बातें
- ओमान की रॉयल एयर फोर्स ने ‘मसिरा द्वीप’ से तुरंत एक हेलीकॉप्टर भेजा.
- मुस्तैदी दिखाते हुए जहाज पर फंसे सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
- सभी नाविकों को मसिरा द्वीप पर लाया गया है, जहां वे पूरी तरह सुरक्षित हैं.
- रक्षा मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण बताया है.
एक हफ्ते में भारतीय क्रू वाले 3 जहाजों पर हमला: बड़ा संकट
खाड़ी ओमान में पिछले एक हफ्ते के भीतर भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमले का यह तीसरा मामला है, जिसने भारत सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं.
| जहाज का नाम | झंडा/देश | भारतीय क्रू की संख्या | स्थिति |
|---|---|---|---|
| एमटी मारिवेक्स (MT Marivex) | पलाउ | 24 | सभी 24 भारतीय सुरक्षित बचाए गए. |
| जलवीर (Jalveer) | गिनी-बिसाऊ | 20 | अमेरिकी हमले के बाद सभी 20 भारतीय सुरक्षित निकाले गए. |
| सेट्टेबेलो (Settebello) | – | 24 | अमेरिकी हमला जानलेवा साबित हुआ; 3 भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत. |
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ईरान और अमेरिका के इस टकराव के बीच समुद्र में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे ये हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वहां काम कर रहे हजारों भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं.


