Shravasti Cow Viral Video: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले से अंधविश्वास और विज्ञान के बीच कशमकश का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां के बसभरिया पुरैना गांव में एक गाय पिछले सात दिनों से लगातार एक ही खेत के चक्कर लगा रही थी. गाय के इस अजीबोगरीब व्यवहार को देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने इसे ‘दैवीय चमत्कार’ मान लिया और पूजा-पाठ शुरू कर दी. हालांकि, जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची, तो सच्चाई कुछ और ही निकली.
कौतूहल का केंद्र बनी गाय, दूर-दूर से जुटने लगी भीड़
ग्रामीणों के मुताबिक, गाय ने एक शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे खेत में घूमना शुरू किया था. इसके बाद वह रुक-रुक कर लगातार सात दिनों तक उसी खेत की परिक्रमा करती रही. बता दें कि गाय को इस तरह घूमता देख लोगों ने इसे भगवान का संकेत मान लिया. देखते ही देखते लोग खेत में पहुंचकर गाय की पूजा-अर्चना करने लगे और कुछ श्रद्धालुओं ने तो गाय के साथ खुद भी खेत की परिक्रमा शुरू कर दी.
सोशल मीडिया पर वायरल
जैसे ही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, आसपास और दूर-दराज के इलाकों से भारी भीड़ गांव में उमड़ने लगी, जिससे स्थानीय प्रशासन और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए आगे आना पड़ा.
डॉक्टरों का खुलासा: चमत्कार नहीं, ‘सर्रा’ बीमारी का है असर
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में पशु चिकित्सा विभाग की एक टीम गांव पहुंची. डॉक्टरों ने जब गाय की गहन जांच की, तो अंधविश्वास का पर्दाफाश हो गया.
क्या है डॉक्टरों का कहना?
डॉक्टरों ने बताया कि गाय किसी चमत्कार के कारण नहीं, बल्कि ‘सर्रा’ (हाइपोग्लाइसीमिया) नामक बीमारी से पीड़ित है. इस बीमारी में पशु का दिमागी संतुलन प्रभावित होता है, जिससे वह असामान्य व्यवहार करने लगता है और एक ही दिशा में गोल-गोल घूमने जैसी हरकतें करता है.
प्रशासन की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
सच्चाई सामने आने के बाद पशु डॉक्टरों की टीम ने तुरंत गाय का इलाज शुरू कर दिया है. डॉक्टरों का कहना है कि दवाइयों के असर से गाय धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी. आठवें दिन पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर खेत में जुटी अनावश्यक भीड़ को हटाया और लोगों को समझाया. गाय को उसके मालिक के सुपुर्द कर दिया गया है और परिवार को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अफवाहों को बढ़ावा न दें और दोबारा भीड़ इकट्ठा न होने दें. हालांकि, डॉक्टरों की वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद भी गांव के कुछ लोग अब भी इसे चमत्कार ही मान रहे हैं. फिलहाल, प्रशासन की मुस्तैदी के बाद गांव में स्थिति नियंत्रण में है और सभी को गाय के पूरी तरह स्वस्थ होने का इंतजार है.


