Noida International Airport: दिल्ली-एनसीआर के दूसरे बड़े हवाई अड्डे, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर) से आगामी सोमवार, 15 जून से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है. एयरपोर्ट के विकास का पहला चरण पूरा होने के बाद अब यात्री यहां से उड़ान भर सकेंगे. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उद्घाटन के पहले दिन कुल 8 विमानों (4 अराइवल और 4 डिपार्चर) की आवाजाही होगी. पहले दिन की सभी उड़ानों का संचालन इंडिगो (IndiGo) एयरलाइंस द्वारा किया जाएगा.
पहले दिन का शेड्यूल
15 जून को एयरपोर्ट पर पहली उड़ान लखनऊ से आएगी, जो सुबह 8:05 बजे लैंड करेगी. वहीं, जेवर एयरपोर्ट से प्रस्थान करने वाली पहली उड़ान बेंगलुरु के लिए सुबह 8:35 बजे रवाना होगी. पहले दिन बेंगलुरु से नोएडा और नोएडा से लखनऊ के लिए विशेष उड़ानों का परिचालन किया जाएगा.
इसके अलावा, पहले दिन से ही हैदराबाद और अमृतसर के लिए नियमित (दैनिक) उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी.
- हैदराबाद से आने वाली फ्लाइट सुबह 8:35 बजे लैंड करेगी.
- वापसी की उड़ान दोपहर 2:50 बजे रवाना होगी.
- अमृतसर के लिए दैनिक उड़ान सुबह 10:10 बजे रवाना होगी.
- वहां से आने वाली पहली फ्लाइट दोपहर 1:20 बजे नोएडा पहुंचेगी.
16 जून से अकासा एयर की भी एंट्री
16 जून से उड़ानों के विस्तार में इंडिगो और अकासा एयर दोनों शामिल होंगी.
इंडिगो
- 16 जून से बेंगलुरु और जम्मू के लिए नियमित दैनिक उड़ानें शुरू करेगी.
अकासा एयर
- 16 जून से ही नोएडा से नवी मुंबई (सुबह 10:15 बजे) और बेंगलुरु (शाम 7:55 बजे) के लिए अपनी दैनिक सेवाएं शुरू करने जा रही है.
1 जुलाई से शुरू होगा अगला चरण, जुड़ेंगे कई नए शहर
| शहर | उड़ानों की आवृत्ति (Frequency) |
|---|---|
| नवी मुंबई, श्रीनगर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, देहरादून | दैनिक उड़ान (Daily) |
| लखनऊ, जयपुर, पंतनगर, चंडीगढ़ | रोजाना दो-दो उड़ानें |
| बरेली | सप्ताह में 4 दिन |
| किशनगढ़ | सप्ताह में 3 दिन |
फिलहाल सिर्फ घरेलू और कार्गो उड़ानों को मंजूरी
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) द्वारा विकसित इस हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को किया था. फिलहाल इस एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों के लिए मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय माल परिवहन (कार्गो) के लिए हरी झंडी मिल चुकी है.
एयरपोर्ट के पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल भवन के साथ काम शुरू किया जा रहा है, जिसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है. आने वाले समय में एयर इंडिया एक्सप्रेस भी यहां से जल्द अपनी उड़ानें शुरू कर सकती है. कुल मिलाकर यह प्रोजेक्ट चार चरणों में विकसित किया जाना है.


