Uttarakhand TET 2026: उत्तराखंड के करीब 20 हजार सेवारत बेसिक और जूनियर शिक्षकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा विभाग के उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के मानकों को बदलने की बात कही गई थी. सरकार के इस फैसले से उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी जो सालों से अपनी सेवाओं दे रहे हैं.
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2010 से पहले नियुक्त शिक्षक होंगे पात्र
इस नए संशोधन के तहत, वर्ष 2010 में शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को भी अब TET परीक्षा के लिए पात्र माना जाएगा. वर्तमान नियमों के अनुसार केवल स्नातक और डीएलएड (D.El.Ed) प्रशिक्षित ही टीईटी के लिए आवेदन कर सकते थे, लेकिन उत्तराखंड में 2010 से पहले बड़ी संख्या में शिक्षक बीएड (B.Ed) और विशिष्ट बीटीसी आदि के आधार पर भर्ती हुए थे. अब नए फैसले के बाद ये सभी शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे.
साल में 2 बार होगी TET परीक्षा
शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि जल्द ही TET को लेकर एक संशोधित और व्यापक शासनादेश (GO) जारी किया जा रहा है. अब राज्य में वर्ष में कम से कम दो बार TET परीक्षा का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाएगा. यदि आवश्यकता पड़ी, तो परीक्षाओं की संख्या दो से अधिक भी की जा सकती है ताकि सभी शिक्षकों को पर्याप्त मौका मिल सकें.
2028 तक TET पास करना अनिवार्य
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि देश के प्रत्येक शिक्षक को 31 अगस्त 2028 तक आरटीई (RTE) के मानकों को पूरा करना जरूरी है, हालांकि कुछ राज्यों ने इस विषय पर पुनर्विचार याचिकाएं दायर की थीं, जिन्हें कोर्ट ने खारिज कर दिया. इसी अनिवार्यता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने अपने शिक्षकों के हित में TET के मानकों को सरल करने का यह बड़ा निर्णय ले लिया है.
किन्हें मिलेगी छूट?
टीईटी परीक्षा से केवल उन शिक्षकों को छूट दी जाएगी जिनकी सेवा के अब महज 5 साल या उससे कम बचे हैं। हालांकि, यदि ये शिक्षक भी आगे प्रमोशन (पदोन्नति) चाहते हैं, तो उन्हें भी TET परीक्षा पास करनी होगी. जिससे उत्तराखंड के करीब 20 हजार शिक्षकों को इस फैसले से सीधा लाभ और राहत मिलेगी. अब राज्य में साल में 2 बार TET परीक्षा आयोजित की जाएगी. वर्ष 2010 से पूर्व बीएड और विशिष्ट बीटीसी के आधार पर नियुक्त शिक्षक भी अब पात्र होंगे. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार 2028 तक हर शिक्षक के लिए TET पास करना अनिवार्य है.
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शिक्षा सचिव रविनाथ रमन का बयान
शिक्षकों की सुविधा के लिए तैयार किए गए टीईटी मानक में संशोधन के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने अनुमोदित कर दिया है, कुछ आंशिक संशोधनों के साथ इसके जीओ (GO) को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसे जल्द ही जारी कर दिया जाएगा.


