नई दिल्ली, 23 जून 2026 (मंगलवार). देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. एक ओर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लगातार आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों में भीषण गर्मी और हीटवेव लोगों की परेशानी बढ़ा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान मॉनसून महाराष्ट्र, मुंबई, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के और अधिक हिस्सों में दस्तक दे सकता है. वहीं पूर्वोत्तर भारत में सप्ताहभर भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
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मॉनसून की प्रगति के लिए अनुकूल बने हालात
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. अगले दो दिनों में महाराष्ट्र के कई हिस्सों सहित मुंबई, तेलंगाना के शेष क्षेत्र, ओडिशा के बाकी इलाके तथा छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ और भाग मॉनसूनी बारिश की चपेट में आ सकते हैं.
मॉनसून की यह प्रगति खेती-किसानी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि देश के कई हिस्सों में किसान खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी में जुटे हुए हैं.
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत में इस सप्ताह मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने वाला है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा की संभावना बनी हुई है.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है. विशेष रूप से मेघालय में अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा 23 जून को असम और मेघालय के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है.
भारी वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश का अलर्ट
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी सप्ताहभर बारिश का प्रभाव बना रहेगा. 24 और 25 जून को भारी बारिश तथा 26 से 28 जून के बीच कई स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है.
पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में गरज-चमक के आसार
दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 26 जून तक छिटपुट वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है. कुछ स्थानों पर हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों के दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
उत्तराखंड में 25 जून तक और हिमाचल प्रदेश में 26 जून तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में भी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है.
22 जून को हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की गतिविधियां भी दर्ज होने की संभावना जताई गई थी, जिसके प्रभाव कुछ क्षेत्रों में बने रह सकते हैं.
राजस्थान में आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 24 जून को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं 22 और 23 जून को कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली आंधी तथा झोंकों के दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक हवा चलने की संभावना व्यक्त की गई है.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की परिस्थितियों में खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहना सुरक्षित रहेगा.
मध्य भारत में बारिश और हीटवेव साथ-साथ
छत्तीसगढ़, विदर्भ, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में आगामी दिनों में छिटपुट बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी. इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी.
हालांकि बारिश के बावजूद गर्मी से राहत पूरी तरह नहीं मिलने वाली है. विशेष रूप से विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है.
पूर्वी भारत में मौसम रहेगा सक्रिय
झारखंड, बिहार, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां जारी रहेंगी.
बिहार में 23 जून तथा 27-28 जून को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. ओडिशा में 25 जून तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
झारखंड और बिहार में कुछ स्थानों पर तेज आंधी, बिजली गिरने और 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं.
पश्चिमी भारत में मॉनसून की मजबूत मौजूदगी
कोंकण और गोवा में 28 जून तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है. इस दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज हो सकती है.
गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. गुजरात क्षेत्र में 23 जून के दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का प्रभाव देखने को मिल सकता है.
मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भी मॉनसून की सक्रियता बढ़ने के संकेत हैं, जिससे आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है.
दक्षिण भारत में कई राज्यों के लिए बारिश की चेतावनी
तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और लक्षद्वीप में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
तेलंगाना में 23 से 28 जून के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. तटीय कर्नाटक में 26 और 27 जून को बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है.
केरल और माहे में भी 25 से 28 जून के बीच भारी बारिश का दौर बना रह सकता है. वहीं तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में भी भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है.
इन राज्यों में जारी रहेगी हीटवेव
बारिश के बीच देश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी का असर जारी रहेगा.
मौसम विभाग के अनुसार:
- विदर्भ में 26 जून तक गंभीर हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है.
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 जून तक उष्ण लहर चलने की संभावना है.
- पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 जून तक हीटवेव का असर रह सकता है.
- छत्तीसगढ़ में 23 जून तक गर्म हवाएं चलने की संभावना है.
- झारखंड में 24 और 25 जून को हीटवेव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं.
विदर्भ में 24 जून तक गर्म रातें यानी ‘वार्म नाइट’ की स्थिति भी बनी रह सकती है.
तापमान को लेकर क्या है पूर्वानुमान
उत्तर-पश्चिम भारत में 26 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
मध्य भारत में 26 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 27 और 28 जून को 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है.
महाराष्ट्र में 26 जून तक तापमान धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम होने की संभावना है.
लोगों के लिए क्या है सलाह
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें. भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें. गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए.
वहीं हीटवेव प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त पानी पीने, दोपहर के समय धूप में कम निकलने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है.
23 जून 2026 से शुरू हो रहा सप्ताह देश के मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है. जहां मॉनसून तेजी से आगे बढ़कर कई राज्यों को राहत देने की तैयारी में है, वहीं पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश चुनौती भी बन सकती है. दूसरी तरफ विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में हीटवेव का असर लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर करेगा.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD), मौसम चेतावनी एवं पूर्वानुमान बुलेटिन, 23 जून 2026.
FAQs
Q1. क्या मुंबई में अगले 48 घंटों में मॉनसून पहुंच जाएगा?
हाँ. IMD के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान मुंबई सहित महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं.
Q2. किन राज्यों में सबसे ज्यादा बारिश की चेतावनी जारी की गई है?
पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है.
Q3. किन राज्यों में हीटवेव का खतरा बना हुआ है?
विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हीटवेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है. विदर्भ में कुछ स्थानों पर गंभीर हीटवेव की चेतावनी भी जारी की गई है.
Q4. दिल्ली-NCR में मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 26 जून तक गरज-चमक, हल्की बारिश और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.


