अयोध्या, 26 जून 2026. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित दान गबन मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली एफआईआर में नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद की गई.
पुलिस के अनुसार, मामला श्री राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया.
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किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR?
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें-
- अविनाश शुक्ला
- अनुकल्प मिश्रा
- लवकुश मिश्रा
- मनीष कुमार यादव
- करुणेश पांडेय
- रामाशंकर मिश्रा
- सुभाष श्रीवास्तव
- श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू
के अलावा कुछ अज्ञात व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं.
पुलिस ने बताया कि नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
SIT रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
इस मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था.
लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी. रिपोर्ट में मामले में सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई थी.
इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की.
कैसे सामने आया मामला?
मामला उस समय चर्चा में आया जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को प्राप्त दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं तथा चोरी के आरोप सामने आए.
इन आरोपों के बाद ट्रस्ट ने स्वयं विशेष जांच की मांग की थी. इसके बाद राज्य सरकार ने SIT गठित कर पूरे मामले की जांच शुरू कराई.
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जांच अभी जारी
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है.
जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर रही हैं. यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो आगे भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
गौरतलब है कि एफआईआर दर्ज होना या गिरफ्तारी होना दोष सिद्ध होने के समान नहीं है. अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.
Source: उत्तर प्रदेश पुलिस एवं आधिकारिक जांच संबंधी जानकारी के आधार पर.


