Weather Update 11 July 2026: 11 जुलाई 2026, शनिवार से देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जबकि मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश क्षेत्रों में अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश सामान्य से कम रह सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अभी भी उत्तर भारत के मौसम पर बना हुआ है, जिससे कई राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा की स्थिति बन रही है.
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उत्तर भारत में सबसे ज्यादा असर
11 जुलाई, शनिवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है. कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है. इसके अलावा गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 12 से 14 जुलाई के बीच भारी वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है. लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी, निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है.
उत्तर प्रदेश में क्या रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम उत्तर प्रदेश में 11 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 14 जुलाई तक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है. 10 और 11 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई थी, जिसका असर 11 जुलाई तक बना रह सकता है.
कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं. ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
हिमाचल और उत्तराखंड में लगातार बारिश
हिमाचल प्रदेश में 11 से 15 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. वहीं उत्तराखंड में 11 से 16 जुलाई तक भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क बंद होने और यात्रा प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.
चारधाम यात्रा या अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है.
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भी अलर्ट
पंजाब में 10 से 13 जुलाई तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 11 से 13 जुलाई के बीच भारी वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज बारिश हो सकती है.
शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
मध्य भारत का मौसम
पश्चिम मध्य प्रदेश में 10 से 16 जुलाई तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 से 14 जुलाई तक वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 14 से 16 जुलाई के दौरान फिर से भारी बारिश हो सकती है.
पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 से 14 जुलाई तक गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
छत्तीसगढ़ में 13 से 16 जुलाई के बीच भारी बारिश का अनुमान है. 10 से 14 जुलाई तक गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना बनी रहेगी.
पूर्वी भारत में बारिश का दौर
बिहार में 12 से 14 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है. झारखंड में 13 और 14 जुलाई को भारी वर्षा हो सकती है. ओडिशा में 13 से 16 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कई दिनों तक अच्छी बारिश जारी रहने की संभावना है. कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है.
पूर्वोत्तर भारत में लगातार सक्रिय रहेगा मानसून
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 से 16 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है.
11 जुलाई से अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर तेज हो सकता है, जबकि असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में 12 जुलाई से भारी वर्षा का अनुमान है.
पश्चिम भारत का मौसम
कोंकण और गोवा में 10 से 16 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है. गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र एवं कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश होती रहेगी.
हालांकि इन क्षेत्रों में उत्तर भारत जैसी व्यापक भारी वर्षा की संभावना नहीं बताई गई है.
दक्षिण भारत में बारिश अपेक्षाकृत कम
मौसम विभाग के अनुसार अगले 6 से 7 दिनों के दौरान मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां सामान्य से कम रहने की संभावना है.
फिर भी तटीय कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कुछ अन्य क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी.
लोगों पर क्या पड़ सकता है असर
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में सड़क परिवहन प्रभावित हो सकता है.
निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है.
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा बढ़ सकता है.
बिजली गिरने की घटनाओं के कारण खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ सकता है.
कृषि क्षेत्रों में अधिक वर्षा से फसलों को नुकसान होने की आशंका भी बनी रह सकती है.
क्या सावधानियां बरतें
बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें.
पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले जलाशयों के पास खड़े न हों.
अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेषकर पहाड़ी इलाकों में.
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखें.
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की जानकारी पहले से रखें और आवश्यक सामान तैयार रखें.
सतर्क रहना बेहद जरूरी
11 जुलाई 2026, शनिवार से उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून फिर से सक्रिय बना रहेगा. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना है. दूसरी ओर मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है. ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) द्वारा 10 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन.
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FAQ
1. 11 जुलाई 2026 को सबसे ज्यादा भारी बारिश किन राज्यों में होने की संभावना है?
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
2. क्या उत्तर प्रदेश में वज्रपात का खतरा बना रहेगा?
हां. कई जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
3. क्या पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा सुरक्षित रहेगी?
लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रा से पहले मौसम और प्रशासन की सलाह जरूर जांच लें.
4. क्या दक्षिण भारत में भी भारी बारिश होगी?
अधिकांश मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. हालांकि कुछ तटीय क्षेत्रों में स्थानीय वर्षा जारी रह सकती है.
5. खराब मौसम के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से दूर रहें, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें.


