Rajasthan Weather Update 12 July 2026: राजस्थान में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान मानचित्र के अनुसार, 12 जुलाई 2026 (रविवार) से राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां काफी अधिक सक्रिय रहने के संकेत हैं.
अगले 4 दिनों तक बारिश का प्रमुख असर पूर्वी राजस्थान और दक्षिणी जिलों में दिखेगा, जबकि पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा की संभावना कम बनी हुई है.
मौसम पूर्वानुमान (12 से 15 जुलाई 2026)
12 जुलाई (रविवार): मानसून की वापसी
पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर मेघगर्जन की संभावना है.
- संभावित प्रभावित जिले: झुंझुनूं, सीकर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर और जालौर.
13 जुलाई (सोमवार): दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में असर जारी
दक्षिणी जिलों में मानसूनी सक्रियता बनी रहेगी, वहीं पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा.
- संभावित प्रभावित जिले: झुंझुनूं, सीकर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और सिरोही.
14 जुलाई (मंगलवार): बारिश के दायरे में मामूली कमी
इस दिन वर्षा का दायरा थोड़ा सिमट सकता है, हालांकि पूर्वी और दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्रों में बारिश के आसार बने रहेंगे.
- संभावित प्रभावित जिले: झुंझुनूं, सीकर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, कोटा, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़.
15 जुलाई (बुधवार): दायरा फिर बढ़ेगा
15 जुलाई को मानसून का प्रसार अधिक विस्तृत होने का अनुमान है। पूर्वी और दक्षिणी जिलों के साथ-साथ कुछ नए इलाकों में भी वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
- संभावित प्रभावित जिले: चूरू, झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सिरोही और जालौर.
मौसम का संभावित प्रभाव
- तापमान और उमस: रुक-रुक कर होने वाली बारिश से पारा गिरेगा, जिससे लोगों को भीषण उमस से राहत मिलेगी.
- यातायात और जलभराव: प्रभावित जिलों के निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर आवागमन बाधित हो सकता है.
- कृषि पर असर: यह बारिश मक्का, सोयाबीन और उड़द जैसी खरीफ फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी.
जरूरी सावधानियां और एडवायजरी
जनसामान्य के लिए:
- आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें.
- बारिश और गर्जना के समय खुले मैदानों में जाने से बचें.
- जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाएं और यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी लें.
किसानों के लिए सलाह:
- खेतों में पानी के भराव को रोकने के लिए जल निकासी (Drainage) का समुचित प्रबंध रखें।
- कृषि संबंधी सभी कार्य स्थानीय मौसम के रुख को देखकर ही करें।
FAQs
Q1. क्या 12 जुलाई को पूरे राजस्थान में बारिश होगी?
उत्तर: नहीं, बारिश मुख्य रूप से पूर्वी और दक्षिणी जिलों तक सीमित रहेगी. पश्चिमी राजस्थान में व्यापक वर्षा के संकेत नहीं हैं.
Q2. किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है?
उत्तर: पूर्वी व दक्षिणी राजस्थान के निवासियों, यात्रियों और किसानों को खराब मौसम के प्रति विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए.
Q3. क्या यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है?
उत्तर: हां, सामान्य तौर पर यह खरीफ फसलों के लिए लाभदायक है, लेकिन पानी जमा होने से बचाने के लिए खेतों में जल निकासी जरूरी है.
Q4. क्या 15 जुलाई को बारिश का क्षेत्र बढ़ेगा?
उत्तर: जी हां, पूर्वानुमान के अनुसार 15 जुलाई को पहले की तुलना में अधिक जिलों में वर्षा की संभावना जताई गई है.
Q5. मौसम की सही जानकारी कहां से प्राप्त करें?
उत्तर: सटीक जानकारी के लिए मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक बुलेटिन ही देखें.


