Weather Update 12 July 2026: भारत में मानसून की गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में अलग तस्वीर पेश करेंगी. जहां पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में वर्षा गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम मौसम बुलेटिन के अनुसार 12 जुलाई 2026, रविवार से कई राज्यों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. कुछ इलाकों में जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं. लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है.
इन राज्यों में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा
IMD के अनुसार पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11 और 12 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. इसके बाद भी अगले 3 से 4 दिनों तक कई स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है.
मेघालय में 11 जुलाई को कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा की संभावना जताई गई थी. इसका असर 12 जुलाई के आसपास भी आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है.
उत्तर-पश्चिम भारत का मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 12 जुलाई तक व्यापक वर्षा की संभावना है. इसके बाद 13 से 17 जुलाई के बीच बारिश का दायरा कुछ कम होकर छिटपुट रह सकता है.
हिमाचल प्रदेश में 11 से 15 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है, जबकि उत्तराखंड में 11 से 17 जुलाई तक लगातार वर्षा का दौर बना रह सकता है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 15 जुलाई तक कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 11 से 12 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है.
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 17 जुलाई के बीच छिटपुट वर्षा की संभावना बनी रहेगी.
जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. उत्तराखंड में भी गरज और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी.
मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ में 11 से 17 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर वर्षा की संभावना है. छत्तीसगढ़ में 11 से 13 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 14 से 17 जुलाई के बीच व्यापक वर्षा होने का अनुमान है.
पूर्वी मध्य प्रदेश में 14 से 17 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. छत्तीसगढ़ में 11 से 15 जुलाई तक भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है.
पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज, बिजली और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है.
पूर्वी भारत में कई राज्यों के लिए अलर्ट
गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 11 से 17 जुलाई तक व्यापक वर्षा होने का अनुमान है.
बिहार में 13 से 15 जुलाई तक भारी वर्षा की संभावना है, जबकि 11 और 12 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा का भी अनुमान है.
ओडिशा में 13 से 17 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा हो सकती है. 11 से 15 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है.
झारखंड में 12 से 14 जुलाई के दौरान भारी वर्षा की संभावना है. पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का सबसे ज्यादा असर
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 जुलाई तक व्यापक वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है.
अरुणाचल प्रदेश तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 जुलाई तक भारी वर्षा हो सकती है.
असम और मेघालय में 12 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है. मेघालय में 11 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा का अनुमान जारी किया गया था, जिससे कई इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में जोखिम बढ़ सकता है.
पश्चिम भारत में क्या रहेगा हाल
कोंकण और गोवा में 11 से 17 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है.
गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में 11 से 17 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है.
हालांकि IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 6 से 7 दिनों तक वर्षा गतिविधियां सामान्य से कमजोर रहने की संभावना है.
दक्षिण भारत का मौसम
तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 11 से 17 जुलाई तक छिटपुट वर्षा होने की संभावना है.
केरल और माहे में 12 से 17 जुलाई तक वर्षा जारी रह सकती है, जबकि तटीय कर्नाटक में 11 से 17 जुलाई तक व्यापक वर्षा का अनुमान है.
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज, बिजली और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
हीटवेव का भी अलर्ट
जहां अधिकांश क्षेत्रों में मानसून सक्रिय है, वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर लू जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना जताई गई है. ऐसे क्षेत्रों में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है.
मौसम का लोगों पर संभावित असर
लगातार भारी बारिश वाले राज्यों में सड़क परिवहन प्रभावित हो सकता है. निचले इलाकों में जलभराव, छोटे पुलों और नालों में पानी बढ़ने तथा स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा रहेगा.
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत होगी. बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान खुले मैदानों में रहना जोखिम भरा हो सकता है.
हवाई और रेल सेवाओं पर भी कुछ स्थानों पर मौसम का असर देखने को मिल सकता है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.
- स्थानीय प्रशासन और IMD द्वारा जारी मौसम चेतावनियों का नियमित पालन करें.
- बिजली चमकने के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें.
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित मार्गों पर यात्रा करने से पहले स्थानीय अपडेट अवश्य लें.
- जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें.
- मोबाइल पूरी तरह चार्ज रखें और आवश्यक दवाएं तथा आपातकालीन सामग्री साथ रखें.
- तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों और अस्थायी ढांचों से दूरी बनाए रखें.
निष्कर्ष
12 जुलाई, रविवार से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का प्रभाव अलग-अलग रूप में दिखाई देगा. पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में वर्षा अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती है. ऐसे में मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखना और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना सबसे सुरक्षित कदम होगा.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) का आधिकारिक मौसम बुलेटिन, 11 जुलाई 2026.
FAQ
Q1. 12 जुलाई, रविवार को सबसे ज्यादा भारी बारिश किन राज्यों में होने की संभावना है?
उत्तर. पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है. असम और मेघालय के कुछ क्षेत्रों में भी तेज बारिश का खतरा बना हुआ है.
Q2. किन राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश कम रहने की संभावना है?
उत्तर. उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्र, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अगले 6 से 7 दिनों तक वर्षा गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है.
Q3. क्या पहाड़ी इलाकों में यात्रा करना सुरक्षित रहेगा?
उत्तर. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा बढ़ सकता है. यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और प्रशासनिक अपडेट अवश्य देखें.
Q4. किसानों को इस मौसम में क्या सावधानी रखनी चाहिए?
उत्तर. खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें, मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करें और तेज बारिश या बिजली गिरने के दौरान खेतों में काम करने से बचें.
Q5. भारी बारिश के दौरान आम लोगों को क्या करना चाहिए?
उत्तर. जलभराव वाले रास्तों से बचें, बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर न रहें, प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें और यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर जांच लें.


