UP Weather Update 12 July 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा 11 जुलाई 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार 12 जुलाई, रविवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा का खतरा भी बना रहेगा. अगले सात दिनों तक मौसम का यही रुख रहने के संकेत दिए गए हैं.
12 जुलाई, रविवार को कैसा रहेगा मौसम?
12 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर वर्षा और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है.
इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में बिजली चमकने और मेघगर्जन की स्थिति भी बन सकती है. ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
13 से 17 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 13 जुलाई से 17 जुलाई तक भी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी.
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना रहेगी.
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक जारी रहने के आसार हैं.
- 13 से 17 जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना लगातार बनी हुई है.
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए इस अवधि में कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है.
किन क्षेत्रों के लिए जारी हुई चेतावनी?
मौसम विभाग के अनुसार 12 जुलाई से 17 जुलाई तक.
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है.
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है.
- 12 जुलाई को मेघगर्जन और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है.
मौसम का संभावित असर
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में छोटे नाले और बरसाती नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है. खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों पर मिश्रित प्रभाव पड़ सकता है. शहरों में यातायात की रफ्तार धीमी हो सकती है और दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना रह सकता है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें.
- भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें.
- किसान मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में कार्य की योजना बनाएं.
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखें.
विशेषज्ञों की सलाह
मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है. यदि आपके क्षेत्र में तेज बारिश, बिजली चमकना या मेघगर्जन शुरू हो जाए तो सुरक्षित भवन के भीतर रहें. ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से बिजली गिरने के जोखिम को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है.
अलग-अलग इलाकों में भारी वर्षा का खतरा
12 जुलाई, रविवार से उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रभाव मजबूत बना रहेगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में भारी वर्षा का खतरा बना रहेगा. ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए सतर्क रहने की आवश्यकता है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ. दैनिक मौसम पूर्वानुमान.
FAQ
1. 12 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कहां होने की संभावना है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है.
2. क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई चेतावनी जारी हुई है?
नहीं. 12 से 17 जुलाई की अवधि के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है.
3. क्या बिजली गिरने का खतरा भी है?
हां. 12 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है.
4. यह मौसम किसानों को कैसे प्रभावित कर सकता है?
बारिश से खरीफ फसलों को नमी मिलेगी, लेकिन भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव होने पर फसलों को नुकसान भी हो सकता है.
5. बारिश के दौरान आम लोगों को क्या करना चाहिए?
अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम विभाग के ताजा अपडेट देखें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लें.


