जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के अंतर्गत बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च एंड इनोवेशन काउंसिल (BRIC) के संस्थान ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (THSTI) ने फरीदाबाद स्थित NCR बायोटेक साइंस क्लस्टर में अपनी तीसरी वार्षिक इंडस्ट्री बिजनेस मीट SYNCHN 2026 (Synergistic Collaboration in Healthcare Innovation) का सफल आयोजन किया.
इस कार्यक्रम में वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, बायोटेक उद्योग, स्टार्टअप, निवेशकों, नीति निर्माताओं और वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया. उद्देश्य शोध प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों को तेजी से व्यावसायिक स्तर पर मरीजों तक पहुंचाने के लिए उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना था.
किरण मजूमदार-शॉ ने ट्रांसलेशनल रिसर्च पर दिया जोर
बायोकॉन की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. किरण मजूमदार-शॉ ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि 21वीं सदी में जीवविज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देंगे.
उन्होंने कहा कि भारत के पास विश्वस्तरीय वैज्ञानिक संस्थान हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती शोध को सफल व्यावसायिक उत्पादों में बदलने की रही है. उनके अनुसार THSTI जैसे संस्थान और SYNCHN जैसे मंच इस अंतर को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
THSTI ने साझा की उपलब्धियां
THSTI के कार्यकारी निदेशक प्रो. गणेशन कार्तिकेयन ने बताया कि SYNCHN की शुरुआत 2024 में हुई थी, जहां 13 लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) पर हस्ताक्षर हुए थे. वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 19 रणनीतिक समझौतों तक पहुंच गई.
उन्होंने बताया कि THSTI का मेडिकल रिसर्च सेंटर (MRC) अब पूरी तरह कार्यरत है, जिसमें शामिल हैं:
- प्रारंभिक चरण के क्लीनिकल ट्रायल की सुविधा
- अत्याधुनिक CAR-T सेल अनुसंधान इकाई
- भारत की पहली Controlled Human Infection Studies (CHIS) सुविधा
इसके अलावा APEX पहल के माध्यम से शोध को तेजी से व्यावसायिक जैव उत्पादों में बदलने की दिशा में भी काम किया जा रहा है.
नियामक और नीति सुधारों पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने बताया कि भारत में बायोलॉजिक्स के लिए नई नियामक प्रणाली तैयार की जा रही है, जिसमें उद्योग विशेषज्ञों की भी भागीदारी होगी.
वहीं नीति आयोग के सदस्य प्रो. एम. श्रीनिवास ने सस्ती और व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शोध संस्थानों और अस्पतालों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.
स्टार्टअप और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
BIRAC के डॉ. मनीष दीवान ने बताया कि नया Research Development and Innovation (RDI) Fund स्टार्टअप, उद्योग और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को शुरुआती वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन (IVCA) के अमित पांडेय ने कहा कि भारत की बायोइकोनॉमी लगभग 18 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज कर रही है, जो इस क्षेत्र की तेजी से बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती है.
तीन प्रमुख विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा
SYNCHN 2026 के दौरान कई विशेषज्ञ पैनल आयोजित किए गए, जिनमें मुख्य रूप से निम्न विषय शामिल रहे:
- वैश्विक स्वास्थ्य, विनिर्माण और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी
- शोध से प्रथम मानव परीक्षण (First-in-Human Trial) तक की प्रक्रिया को तेज बनाना
- बायोटेक स्टार्टअप्स के व्यावसायीकरण के लिए निवेशकों, उद्योग और नवाचार प्लेटफॉर्म के बीच बेहतर समन्वय
कार्यक्रम के अंत में उद्योग प्रतिनिधियों ने THSTI के वैज्ञानिकों के साथ खुली चर्चा की और संस्थान की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का भी दौरा किया.
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FAQs
1. SYNCHN 2026 का आयोजन किसने किया?
THSTI (Translational Health Science and Technology Institute) ने इसका आयोजन किया.
2. SYNCHN 2026 का उद्देश्य क्या है?
शोध संस्थानों, उद्योग, स्टार्टअप और निवेशकों के बीच सहयोग बढ़ाकर स्वास्थ्य क्षेत्र की नई तकनीकों को तेजी से मरीजों तक पहुंचाना.
3. कार्यक्रम में किसने मुख्य संबोधन दिया?
बायोकॉन की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. किरण मजूमदार-शॉ ने वर्चुअल माध्यम से मुख्य संबोधन दिया.
4. कार्यक्रम में किन विषयों पर चर्चा हुई?
हेल्थकेयर इनोवेशन, क्लीनिकल ट्रायल, बायोटेक स्टार्टअप, नियामक सुधार, निवेश, वैश्विक साझेदारी और शोध के व्यावसायीकरण जैसे विषयों पर चर्चा हुई.
Source: Ministry of Science & Technology


