पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़त दर्ज की जा रही है. क्षेत्र में जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है, जिससे निवेशकों और आयातक देशों की चिंता बढ़ गई है.
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ब्रेंट क्रूड में बढ़त
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 0.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 85.03 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करती दिखी.
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ने की आशंका के कारण आपूर्ति प्रभावित होने का जोखिम बढ़ा है, जिससे कीमतों को समर्थन मिल रहा है.
WTI क्रूड भी हुआ महंगा
अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा.
रिपोर्ट लिखे जाने तक WTI क्रूड करीब 0.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 79.66 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
क्यों बढ़ रही हैं तेल की कीमतें?
वैश्विक तेल बाजार पर इस समय पश्चिम एशिया के घटनाक्रम का सीधा असर पड़ रहा है. यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है या तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर ईंधन लागत, परिवहन खर्च और महंगाई पर भी पड़ सकता है.
आज के प्रमुख भाव
| बेंचमार्क | कीमत |
|---|---|
| ब्रेंट क्रूड | 85.03 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल |
| WTI क्रूड | 79.66 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल |
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FAQs
1. आज ब्रेंट क्रूड का भाव कितना है?
ब्रेंट क्रूड 85.03 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था.
2. WTI क्रूड की कीमत कितनी है?
WTI क्रूड 79.66 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा.
3. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी क्यों आई है?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण वैश्विक तेल कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है.
4. क्या कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर भारत पर पड़ेगा?
हाँ, यदि वैश्विक तेल कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो ईंधन लागत, परिवहन खर्च और महंगाई पर असर पड़ सकता है.
Source: News On Air


