केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि देशभर में जारी परिस्थितियों के बीच उन्होंने यह निर्णय लिया है ताकि छात्र कानूनी जटिलताओं में न उलझें, अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें तथा राष्ट्र की एकता बनी रहे.
धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सार्वजनिक करते हुए कहा कि यह फैसला छात्रों के हित और व्यापक राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
इस्तीफे में क्या कहा?
अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि देशभर में चल रहे घटनाक्रम के बीच कुछ असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्व स्थिति का लाभ उठाने का प्रयास कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को किसी प्रकार का लाभ न मिले, देश एकजुट रहे और छात्र कानूनी विवादों में उलझने के बजाय अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपा है.
उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी पढ़ाई जारी रखने और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की अपील भी की.
NEET विवाद का भी किया उल्लेख
इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने हाल के NEET विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों के हितों की रक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने के लिए विभिन्न सुधार किए गए हैं और भविष्य में भी आवश्यक कदम जारी रहेंगे.
प्रधानमंत्री को जताया आभार
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला और इस दौरान नई शिक्षा नीति सहित कई महत्वपूर्ण सुधारों पर काम करने का मौका मिला.
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों और नागरिकों का भी धन्यवाद दिया.
स्रोत: धर्मेंद्र प्रधान द्वारा सार्वजनिक किया गया इस्तीफा पत्र.


