सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से होने जा रही है और इसके साथ ही देशभर से लाखों श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों के काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए वाराणसी जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. इस बार भीड़ प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए कांवड़ियों के लिए अलग लेन, मंदिर परिसर में विशेष कतार व्यवस्था और हाईटेक निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी.
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराना है. इसके लिए पुलिस, प्रशासन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है.
कांवड़ियों के लिए बनाई गई अलग समर्पित लेन
पुलिस आयुक्त ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों के लिए अलग समर्पित लेन बनाई गई है. इस मार्ग पर किसी अन्य वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही बिना किसी बाधा के हो सके.
पूरे कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा. इसके अलावा पुलिस रिस्पांस व्हीकल (PRV) और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी लगातार गश्त करती रहेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
सावन के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर विश्राम स्थल बनाए हैं. इसके साथ ही पेयजल, चिकित्सा सहायता, शौचालय और लॉकर जैसी आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है.
प्रशासन का प्रयास है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें.
मंदिर परिसर में लागू होगी जिगजैग कतार व्यवस्था
काशी विश्वनाथ धाम में भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और जिगजैग कतार प्रणाली लागू की जाएगी. इससे श्रद्धालुओं की लंबी कतारों को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा और दर्शन प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रहेगी.
प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर का एक प्रवेश द्वार केवल स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित रखने का भी निर्णय लिया है, ताकि उन्हें अत्यधिक भीड़ के बीच अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.
ड्रोन और CCTV से होगी चौबीसों घंटे निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूरे काशी विश्वनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों का व्यापक नेटवर्क सक्रिय रहेगा. इसके साथ ही ड्रोन कैमरों के जरिए भी भीड़ और यातायात पर नजर रखी जाएगी.
सभी गतिविधियों की निगरानी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से 24 घंटे की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
गंगा घाटों पर भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम
सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए घाटों पर पहुंचते हैं. इसे देखते हुए प्रशासन ने गंगा घाटों पर जल पुलिस, प्रशिक्षित गोताखोरों और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को तैनात करने का निर्णय लिया है.
इन टीमों का उद्देश्य किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करना है.
आपत्तिजनक गीत बजाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे संचालकों और आयोजन समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान अश्लील या आपत्तिजनक गीत नहीं बजाए जाएं.
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि यदि कोई डीजे संचालक या आयोजक इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और आयोजकों से धार्मिक मर्यादा बनाए रखने तथा प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
स्रोत: वाराणसी पुलिस प्रशासन. (बाइट: पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल)


