UP Weather Update 27 July 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा 26 जुलाई 2026 को जारी उत्तर प्रदेश उप-प्रभाग दैनिक मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन संख्या 207/2026 के अनुसार, 27 जुलाई 2026, सोमवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है. पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर वज्रपात की भी आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है.
27 जुलाई का मौसम कैसा रहेगा
सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर वज्रपात भी हो सकता है. सक्रिय मानसून के कारण बादलों की आवाजाही दिनभर बनी रह सकती है और कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज होने की संभावना है.
अगले सात दिनों का मौसम पूर्वानुमान
| तारीख | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | पूर्वी उत्तर प्रदेश |
|---|---|---|
| 27 जुलाई, सोमवार | अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा, कहीं-कहीं वज्रपात | अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा, कहीं-कहीं वज्रपात |
| 28 जुलाई, मंगलवार | सम्भावित स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात | सम्भावित स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात |
| 29 जुलाई, बुधवार | सम्भावित स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात | सम्भावित स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात |
| 30 जुलाई, गुरुवार | सम्भावित स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात | सम्भावित स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात |
| 31 जुलाई, शुक्रवार | सम्भावित स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात | अनेक स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात |
| 1 अगस्त, शनिवार | अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा | अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा |
27 जुलाई के लिए मौसम चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना है. साथ ही तेज झोंकों वाली हवाएं चल सकती हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका व्यक्त की गई है. ऐसे में खुले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.
लोगों पर संभावित असर
लगातार बादल और बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. ग्रामीण इलाकों में कच्चे रास्तों पर आवागमन प्रभावित हो सकता है. गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने का खतरा खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे मौजूद लोगों के लिए अधिक रहता है. सड़क पर दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए.
क्या सावधानियां अपनाएं
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- बिजली चमकने पर सुरक्षित भवन के भीतर शरण लें.
- खेतों में काम कर रहे किसान मौसम बिगड़ते ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचें.
- जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें.
- यात्रा से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लें.
- मोबाइल और अन्य आवश्यक उपकरण चार्ज रखें ताकि आपात स्थिति में संपर्क बना रहे.
किसानों के लिए सलाह
बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए कृषि कार्य मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर करें. खेतों में अनावश्यक रूप से लंबे समय तक न रुकें. पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखें और बिजली कड़कने के दौरान खुले बाड़ों में न छोड़ें.
27 जुलाई 2026, सोमवार को उत्तर प्रदेश के दोनों मौसम उप-भागों में मानसून सक्रिय रहने के संकेत हैं. कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर वज्रपात की संभावना को देखते हुए आम नागरिकों, किसानों और यात्रियों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए. आने वाले दिनों में भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में इसी तरह की मौसम गतिविधियां बनी रहने के संकेत दिए गए हैं.
FAQ
1. 27 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी मौसम चेतावनी क्या है?
गरज-चमक के साथ वर्षा और कहीं-कहीं वज्रपात की संभावना.
2. क्या पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी दोनों उप-भागों में अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना है.
3. क्या 27 जुलाई को तेज हवाएं भी चल सकती हैं?
हां. गरज-चमक के दौरान तेज झोंकों वाली हवाएं चलने की संभावना जताई गई है.
4. किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
खराब मौसम के दौरान खेतों में काम रोककर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और पशुओं को भी सुरक्षित रखें.
5. क्या अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रह सकती है?
जारी पूर्वानुमान के अनुसार 1 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में वर्षा और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department), क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ.

