भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार यानी आज को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया. पिछले तीन साल से टीम इंडिया से बाहर चल रहे रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि क्रिकेट से उनका रिश्ता खत्म नहीं होगा और वह आगे अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों की मदद करना चाहते हैं.
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रहाणे ने अपने संदेश में लिखा कि हर चीज की एक शुरुआत होती है और एक अंत भी. आज मुझे लगता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट और सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने का यही सही समय है.
20 साल का शानदार सफर
मुंबई से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम तक का सफर तय करने वाले रहाणे ने कहा कि उन्होंने हमेशा देश और टीम को खुद से ऊपर रखा. उन्होंने लिखा कि डोंबिवली से प्रैक्टिस के लिए आने वाले एक छोटे लड़के का सपना सिर्फ इंडिया कैप पहनना था, जिसे वह पूरा कर सके. रहाणे ने भारत के लिए आखिरी टेस्ट मैच 20 जुलाई 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था. वहीं उनका आखिरी वनडे 2018 और आखिरी टी20 मुकाबला 2016 में आया था. खराब फॉर्म के कारण उन्हें टीम में दोबारा जगह नहीं मिल सकी.
कप्तानी में रचा था इतिहास
अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे यादगार पल 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रही, जब विराट कोहली की गैरमौजूदगी में उन्होंने टीम इंडिया की कप्तानी संभाली. कई प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने के बावजूद भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज में मात दी थी.
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BCCI, परिवार और फैंस का जताया आभार
अपने विदाई संदेश में रहाणे ने BCCI, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA), अपने साथियों, कोच, आईपीएल फ्रेंचाइजियों, पत्नी राधिका, परिवार, दोस्तों और फैंस का धन्यवाद किया. उन्होंने लिखा कि क्रिकेट ने उन्हें कई बार हारना सिखाया, लेकिन फैंस के दिलों में उन्हें हमेशा जीत मिली. रहाणे ने अपनी पोस्ट का अंत इन शब्दों के साथ किया, ‘अजिंक्य का मतलब है जिसे हराया न जा सके. क्रिकेट ने मुझे कई बार हराया, लेकिन आपके दिलों में मैं कभी नहीं हारा. आपके प्यार और विश्वास के लिए धन्यवाद. कैप नंबर 278 से विदा.’


