भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए भ्रामक दावों, गलत लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करते हुए दो स्वास्थ्य सप्लीमेंट उत्पादों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. प्रतिबंधित उत्पादों में ‘FOLINEURO Syrup’ और ‘Neuherbs TRUE VITAMIN’ शामिल हैं.
एफएसएसएआई ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कई खाद्य कारोबार संचालकों (FBOs) के खिलाफ प्रतिबंधात्मक आदेश, लाइसेंस निलंबन और बिक्री पर रोक जैसी कार्रवाई की गई है.
FOLINEURO Syrup पर क्यों लगी रोक?
एफएसएसएआई ने Vatave Health Care द्वारा निर्मित ‘FOLINEURO Syrup – Folinic Acid Syrup’ के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया है.
नियामक के अनुसार, उत्पाद का नाम ‘FOLINEURO’ और उसके पैकेज पर बने मस्तिष्क (Brain) के चित्र से उपभोक्ताओं को यह संदेश मिल सकता है कि यह उत्पाद मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभकारी है. FSSAI का मानना है कि इस प्रकार की प्रस्तुति उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकती है.
नियमों के अनुरूप नहीं मिली उत्पाद श्रेणी
जांच के दौरान FSSAI ने पाया कि इस उत्पाद को ‘Nutritional Food Supplement’ श्रेणी में रखा गया है.
हालांकि, Food Safety and Standards (Health Supplements and Nutraceuticals) Regulations, 2016 में ऐसी कोई श्रेणी निर्धारित नहीं है. नियामक ने इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन माना है.
Neuherbs TRUE VITAMIN की बिक्री भी रोकी गई
एक अन्य कार्रवाई में FSSAI ने Global Healthfit Retail India Private Limited द्वारा बेचे जा रहे ‘Neuherbs TRUE VITAMIN’ की बिक्री पर भी रोक लगा दी है.
एफएसएसएआई के अनुसार, उत्पाद का नाम ‘TRUE VITAMIN’ उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है और यह मौजूदा खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया.
30 दिन में मांगी गई कार्रवाई रिपोर्ट
नियामक ने संबंधित कंपनी को निर्देश दिया है कि वह:
- उत्पाद के लेबल से सभी भ्रामक दावे हटाए.
- विज्ञापनों से भी ऐसे दावों को तुरंत हटाए.
- 30 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) FSSAI को सौंपे.
एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि आदेश का पालन नहीं करने की स्थिति में संबंधित कंपनी के खिलाफ आगे नियामकीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा पर जोर
एफएसएसएआई का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को भ्रामक दावों वाले उत्पादों से बचाना है. नियामक ने खाद्य कारोबार संचालकों से सभी उत्पादों की लेबलिंग, विज्ञापन और दावों को निर्धारित नियमों के अनुरूप रखने की भी अपेक्षा की है.
स्रोत: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI).


