UP SVPEIZ Project: उत्तर प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र परियोजना’ (SVPEIZ) के तहत एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. योजना के प्रथम चरण में अलीगढ़, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, नोएडा, गोरखपुर, मेरठ, अयोध्या, गाजियाबाद और प्रयागराज को शामिल करते हुए 9 हब एंड स्पोक जोन मॉडल तैयार किए गए हैं. इनके अंतर्गत कुल 16 मेगा औद्योगिक एवं रोजगार केंद्र स्थापित किए जाएंगे. इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अंतिम मुहर के बाद संबंधित जिलों में निर्माण व स्थान निर्धारण की प्रक्रिया में तेजी आएगी.
कौन-सी एजेंसी विकसित करेगी कितने केंद्र?
एमएसएमई (MSME): 5 केंद्र
यूपीसीडा (UPSIDA): 5 केंद्र
यूपीईडा (UPEIDA): 2 केंद्र
यीडा (YEIDA): 2 केंद्र
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण: 1 केंद्र
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA): 1 केंद्र
20 किमी के दायरे में 100 एकड़ जमीन की तलाश
दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह केंद्र जिला मुख्यालयों से अधिकतम 20 किलोमीटर की परिधि में स्थापित होंगे. इसके लिए 50 से 100 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी. जिन क्षेत्रों में भूमि की कमी होगी, वहां बहुमंजिला औद्योगिक परिसर (Vertical Industrial Complex) और फ्लैटेड फैक्टरी मॉडल अपनाया जाएगा. परियोजना के बेहतर संचालन के लिए प्रत्येक हब में एक ‘स्पेशल पर्पस व्हीकल’ (SPV) का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता प्रमुख निवेशक करेंगे.
अलीगढ़ को मिलेगी नई औद्योगिक पहचान
डिफेंस कॉरिडोर के बाद इस योजना से ताला-हार्डवेयर उद्योग के लिए प्रसिद्ध अलीगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी. अलीगढ़ में 50 हजार से अधिक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों में काम कर रहे कारीगरों को अब आधुनिक प्रशिक्षण और संसाधन मिल सकेंगे. अलीगढ़ में 100 एकड़ जमीन पर इस केंद्र की स्थापना के लिए जिला प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है.
उपायुक्त उद्योग एसपी यादव ने बताया कि एसवीपीईआईजेड योजना के तहत प्रदेश भर में एक ही स्थान पर रोजगार प्रशिक्षण, समस्या समाधान और औद्योगिक प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे. अलीगढ़ में जमीन की तलाश जारी है. वहीं इस संबंध में अलीगढ़ जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर के बाद यह योजना जिले को नई औद्योगिक पहचान देगी. इससे निवेश आकर्षित होगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे और ताला-हार्डवेयर व इंजीनियरिंग उद्योगों को बेहतर बाजार मिलेगा.
एक ही छत के नीचे मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
बता दें कि इन केंद्रों में उद्यमियों और युवाओं को निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. जैसे कि प्लग एंड प्ले औद्योगिक शेड, जिससे उद्योगपति तुरंत उत्पादन शुरू कर सकें. इतना ही नहीं कौशल विकास केंद्र, विदेशी भाषा प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता और रोजगार सहायता केंद्र विकसित किया जाएगा. वहीं उद्यमिता सहायता केंद्र और साझा सुविधा केंद्र (Common Facility Center) भी रहेगा.


