Ayodhya News: अयोध्या स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में नशा मुक्ति युवा पर विकसित भारत अभियान कार्यक्रम का लाइव आयोजन किया गया. संवाद के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान की शुरुआत की. देशभर में आयोजित इस कार्यक्रम में 28 हजार से ज्यादा स्थानों से एक करोड़ से अधिक युवा जुड़े रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि हम एक महान संकल्प के लिए एकजुट हुए हैं. सभी संतजन सभी राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधि, 1 करोड़ से ज्यादा युवा साथी, इस शुभ संकल्प के लिए कृत संकल्पित है. प्रधानमंत्री ने युवाओं से माय भारत पर पंजीयन कर इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की.
राष्ट्र को नशामुक्त और विकसित बनाने का मार्ग
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत युवाओं का देश है, जिनके हाथों में पुस्तक और लैपटॉप होना चाहिए, न कि नशे की आदतें. उन्होंने इसे एक जन आंदोलन बताते हुए युवाओं से आगामी 100 रविवार तक इस अभियान को निरंतर चलाने का आह्वान किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी डिक्लेरेशन 2025 से प्रारंभ हुआ यह विचार आज राष्ट्रव्यापी अभियान का रूप ले चुका है. 28,000 से अधिक स्थानों से जुड़े एक करोड़ से अधिक युवा इस संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि जब करोड़ों युवा एक साथ संकल्प लेते हैं, तो राष्ट्र को नशामुक्त और विकसित बनाने का मार्ग और भी सशक्त हो जाता है. विकसित भारत का लक्ष्य के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे से मुक्त समाज ही स्वस्थ और आत्मनिर्भर भारत की नींव है.
युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि भारत जैसे प्राचीन सांस्कृतिक समाज में नशे के लिए कभी कोई स्थान नहीं रहा. भारतीय संस्कृति ने सदैव नशे को सामाजिक बुराइयों की जड़ माना है. आज आवश्यकता है कि हम अपनी उसी सांस्कृतिक चेतना और जीवन मूल्यों को पुनः अपनाएं तथा युवाओं को नशे जैसी कुरीतियों से दूर रखकर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ें. उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है.
यदि युवा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ें, तो विकसित भारत-2047 का सपना निश्चित रूप से साकार होगा. उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त बनाने के लिए जागरूक करें.
65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम
भारत युवाओं का देश है जो विश्व की तस्वीर बदल सकता है. हमारी 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है. यदि यह युवा शक्ति नशे से दूर रहकर संकल्पित हो जाए तो भारत को शीर्ष स्थान पर खड़ा किया जा सकता है. भारतीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपरा में नशे के लिए कोई स्थान नहीं रहा है. आज की युवा पीढ़ी को भटकाव से बचाकर अपनी सफलता की कहानी लिखनी है और समाज को प्रेरित करना है. कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के 1500 से अधिक छात्र माय भारत से पंजीकृत हो चुके हैं और यह संख्या तेजी से बढ़ रही है.
अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प
उन्होंने सभी छात्रों से नशा मुक्ति अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया. इस अवसर पर डी. फार्मा के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक नशा मुक्त भारत – गांव-गांव तक हमारा संकल्प प्रस्तुत किया. नशा मुक्त समाज बनाने के लिए कुलपति ने उपस्थित जन समूह को संकल्प शपथ भी दिलाई. कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक प्रो. आशुतोष सिंह ने किया.
कौन-कौन मौजूद रहा?
इस अवसर पर कुलसचिव विनय कुमार सिंह, प्रो एस एस मिश्र, प्राचार्य प्रो. दान पति त्रिपाठी, प्रो. मंजूषा मिश्रा, प्रो. आशुतोष सिन्हा प्रो. सी के मिश्र, कार्यक्रम संयोजक प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. अनूप कुमार, प्रो. फर्रुख जमाल, प्रो. एस के रायजादा, डॉ. विनोद चौधरी, उप कुलसचिव डॉ. रीमा श्रीवास्तव, डॉ. अवध नारायण, प्रो. सुरेन्द्र मिश्र, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ अनिल कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य शिक्षक, अधिकारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.


