Panipat industrial corridor: कपड़ा और टेक्सटाइल नगरी पानीपत को वर्ष 2041 तक एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और औद्योगिक रूप से मजबूत शहर बनाने के लिए ‘ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान-2041’ को हरी झंडी मिल गई है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय समिति (एसएलसी) की बैठक में इस महायोजना को मंजूरी दी गई. यह योजना केवल वर्तमान आवश्यकताओं ही नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की जरूरतों और बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.
प्रमुख घोषणाएं और विकास योजनाएं
पानीपत-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा. यहाँ स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों की पानी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए रेनीवैल प्रणाली विकसित की जाएगी. इससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. सेक्टर-34 स्थित पुरानी शुगर मिल की खाली जमीन को स्पेशल ज़ोन या मिक्स यूज़ ज़ोन के रूप में विकसित किया जाएगा. यहाँ व्यावसायिक परिसरों, हरित क्षेत्रों और जनसुविधाओं का समन्वित विकास होगा.
शहर में यातायात सुगम बनाने के लिए आउटर पेरिफेरी रोड का संशोधन किया गया है. अब यह योजना दोनों स्टेट हाईवे (जींद और रोहतक) और तीनों नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ेगी, जिससे शहर के भीतर गाड़ियों का दबाव कम होगा.
6 प्रमुख सड़कों का पुनर्संरेखण (री-अलाइनमेंट)
बरसत रोड, सेक्टर-6, सेक्टर-29 बाईपास और मॉडल टाउन क्षेत्र सहित शहर की छह प्रमुख सड़कों का री-अलाइनमेंट किया जाएगा. मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है. सेक्टर-53 में जलापूर्ति के लिए बूस्टिंग स्टेशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट साइट विकसित की जाएगी.
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अंतिम प्रकाशन से पहले मांगे जाएंगे सुझाव
ड्राफ्ट प्लान को अंतिम रूप देने से पहले इसे राजपत्र (गजट) में प्रकाशित किया जाएगा, जिसके बाद आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे. जनसुझावों का परीक्षण करने के बाद ही योजना को अंतिम रूप से लागू किया जाएगा. पानीपत वशिष्ठ उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार ने कहा कि योजनाएं आने वाले दशकों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं. जिला प्रशासन सभी विभागों के समन्वय से इस योजना को समयबद्ध तरीके से लागू करेगा. वहीं हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन रमेश वर्मा, प्रतिनिधि ने कहा कि टेक्सटाइल क्लस्टर की लंबे समय से मांग थी. राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ औद्योगिक गलियारा बनने से उद्योगों को नई गति मिलेगी.


