New Ghaziabad Project: दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर गाजियाबाद में एक नई आधुनिक टाउनशिप बसाने की तैयारी तेज हो गई है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) मोरटी, अटौर और नंगला गांवों की जमीन पर एयरोसिटी टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है. करीब 230 हेक्टेयर जमीन में प्रस्तावित इस परियोजना को लेकर पहले हुए सर्वे में आपत्तियां सामने आने के बाद अब दोबारा सर्वे कराया जाएगा.
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230 हेक्टेयर में बसाई जाएगी नई टाउनशिप
GDA के मुताबिक, एयरोसिटी टाउनशिप को राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र के आसपास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के नजदीक विकसित करने की योजना है. इसके लिए करीब 230 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है. दोबारा सर्वे की रिपोर्ट तैयार होने के बाद जमीन का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे रिपोर्ट करीब एक सप्ताह में तैयार किए जाने का लक्ष्य है. इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर संबंधित बैठक में रखा जाएगा. स्वीकृति के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी.
नमो भारत स्टेशन के बेहद करीब होगी टाउनशिप
इस परियोजना की सबसे खास बात इसकी RRTS कॉरिडोर के पास प्रस्तावित लोकेशन है. योजना है कि एयरोसिटी टाउनशिप को नमो भारत ट्रेन के स्टेशन के बेहद करीब विकसित किया जाए. इससे यहां रहने वाले लोगों को दिल्ली, मेरठ और एनसीआर के दूसरे हिस्सों तक तेज कनेक्टिविटी मिल सकेगी. GDA की योजना के मुताबिक, टाउनशिप से नमो भारत स्टेशन की दूरी बेहद कम रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों को सार्वजनिक परिवहन के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े.
पहले सर्वे में किसानों ने जताई थी आपत्ति
एयरोसिटी के लिए पहले भी सर्वे कराया गया था. उस दौरान मोरटी, अटौर और नंगला गांवों के 100 से अधिक लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थी. ग्रामीणों और किसानों का कहना था कि रिकॉर्ड में जमीन खाली दिखाई जा रही है, जबकि मौके पर आबादी बस चुकी है और कई लोगों के मकान भी बने हुए हैं. आपत्तियों के बाद GDA ने पुराने सर्वे को दोबारा जांचने का फैसला किया है.
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राजस्व विभाग और GDA की संयुक्त टीम करेगी सर्वे
अब राजस्व विभाग और GDA की संयुक्त टीम मौके पर जाकर जमीन की वास्तविक स्थिति का सर्वे करेगी. इसका उद्देश्य जमीन पर मौजूद आबादी, निर्माण और अन्य दावों की स्थिति स्पष्ट करना है. दोबारा सर्वे पूरा होने के बाद किसानों से बातचीत की जाएगी और परियोजना के लिए जरूरी जमीन को चिन्हित किया जाएगा. इसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है. अगर योजना तय प्रक्रिया के मुताबिक आगे बढ़ती है तो आने वाले समय में मोरटी-अटौर क्षेत्र में विकसित होने वाली यह एयरोसिटी गाजियाबाद के नए शहरी विस्तार का बड़ा केंद्र बन सकती है.


