Sambhal Industrial Corridor: संभल में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे औद्योगिक गलियारे को लेकर बड़ी खबर है. दूसरे चरण के लिए चिह्नित जमीन की खरीद जल्द शुरू होने जा रही है. यूपीडा की लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक के बाद जिला प्रशासन को भूमि खरीद की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि तैयारी पूरी है और जल्द ही जमीन खरीद शुरू करा दी जाएगी.
892 गाटों की होगी खरीद
दूसरे चरण में 892 गाटों की जमीन खरीदी जानी है. इस चरण में अमावती कुतुबपुर, सारंगपुर, भमौरी पट्टी, खरसफा और सौंधन मोहम्मदपुर में भूमि चिह्नित की गई है. कुल 340.44 हेक्टेयर भूमि की खरीद होनी है. इसमें कुछ सरकारी भूमि भी शामिल है. एसडीएम विकासचंद्र के मुताबिक, फिलहाल 24 कोसी परिक्रमा मार्ग के लिए जमीन खरीद का काम चल रहा है, जिसके चलते औद्योगिक गलियारे की भूमि खरीद में थोड़ी देरी हुई है. जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी, ताकि परियोजना को समय से पूरा किया जा सके.
पहले चरण में खरीदी जा चुकी है 222 हेक्टेयर जमीन
संभल में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा और इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है. पहले चरण में चार गांवों में करीब 222.20 हेक्टेयर भूमि की खरीद पूरी हो चुकी है. इसके बाद औद्योगिक क्लस्टर का विस्तार करने का फैसला लिया गया और तीन नए गांवों समेत अतिरिक्त क्षेत्र में जमीन खरीद की तैयारी शुरू हुई.
दूसरे चरण में प्रस्तावित भूमि का विवरण
- अमावती कुतुबपुर: 48.73 हेक्टेयर
- सारंगपुर: 92.25 हेक्टेयर
- भमौरी पट्टी: 58.31 हेक्टेयर
- खरसफा: 68.82 हेक्टेयर
- सौंधन मोहम्मदपुर: 58.67 हेक्टेयर
इसके अलावा इन गांवों में 13.63 हेक्टेयर से अधिक सरकारी भूमि भी उपलब्ध है.
खुलेंगे कारखाने और बड़े वेयरहाउस
औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित होने के बाद यहां बड़ी कंपनियों के कारखाने, वेयरहाउस और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित होने की उम्मीद है. इससे संभल और आसपास के जिलों के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. संभल पहले से ही हड्डी-सींग के हस्तशिल्प और मेंथा कारोबार के लिए जाना जाता है. औद्योगिक क्लस्टर बनने के बाद स्थानीय कारोबारियों को बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएं मिलेंगी. माल के भंडारण, पैकेजिंग और परिवहन की लागत कम होने से स्थानीय उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.
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स्थानीय कारोबार को मिलेगा ग्लोबल बाजार
यूपीडा की इस परियोजना का उद्देश्य संभल के पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए वैश्विक बाजार से जोड़ना है. औद्योगिक क्षेत्र में देश-विदेश की कंपनियों को निवेश के अवसर मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है. गंगा एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण तैयार उत्पादों को दूसरे शहरों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा. ऐसे में औद्योगिक गलियारा संभल के हड्डी-सींग और मेंथा कारोबार को नई पहचान देने के साथ रोजगार और निवेश का बड़ा केंद्र बन सकता है.


