New Delhi, August 20: केंद्र सरकार ने रेलवे और हाईवे से जुड़े बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कुल 5 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है. इनकी कुल अनुमानित लागत 13,041 करोड़ रुपये है.
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मंजूर किए गए प्रोजेक्ट्स में चार रेलवे मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट और एक हाईवे प्रोजेक्ट शामिल है.
चार राज्यों में बढ़ेगा रेलवे नेटवर्क
रेलवे के चारों मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के 8 जिलों को कवर करेंगे. इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद भारतीय रेलवे नेटवर्क में करीब 410 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी.
इन चार रेलवे प्रोजेक्ट्स की कुल अनुमानित लागत 9,450 करोड़ रुपये है. इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
किन रेलवे लाइनों को मिली मंजूरी
कैबिनेट से मंजूर रेलवे प्रोजेक्ट्स में खड़गपुर-भद्रक 4th लाइन, भद्रक-हरिदासपुर 4th लाइन, गुम्मिडिपुंडी-गुडूर 3rd और 4th लाइन और कटक-पारादीप 3rd और 4th लाइन शामिल हैं.
इन मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स से संबंधित रूट पर रेलवे की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी. ज्यादा ट्रैक उपलब्ध होने से अलग-अलग तरह की ट्रेन सेवाओं और माल ढुलाई के लिए रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी.
2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने इन चारों रेलवे प्रोजेक्ट्स को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. कुल 9,450 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इनका निर्माण और मल्टीट्रैकिंग का काम किया जाएगा.
चारों प्रोजेक्ट्स आठ जिलों से होकर गुजरेंगे और चार राज्यों के रेल नेटवर्क को मजबूत करेंगे.
बिहार में 82.57 KM हाईवे होगा फोर लेन
रेलवे प्रोजेक्ट्स के अलावा कैबिनेट ने बिहार में एक बड़े हाईवे प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है. मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन के NH-22 को फोर-लेन स्टैंडर्ड में अपग्रेड किया जाएगा.
इस प्रोजेक्ट की लंबाई 82.57 किलोमीटर होगी. इसे Hybrid Annuity Mode यानी HAM के तहत विकसित किया जाएगा.
इस हाईवे प्रोजेक्ट की कुल कैपिटल लागत 3,590 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है.
बिहार के सड़क नेटवर्क को मिलेगा फायदा
NH-22 के इस हिस्से को फोर लेन में अपग्रेड किए जाने से मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने का लक्ष्य है.
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फोर-लेन अपग्रेडेशन से इस रूट की क्षमता बढ़ेगी और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
कैबिनेट की मंजूरी के साथ चार राज्यों में रेलवे मल्टीट्रैकिंग और बिहार में NH-22 के अपग्रेडेशन से जुड़े इन प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है.


