UP Weather Update 21 August 2026: उत्तर प्रदेश में 21 अगस्त से बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र लखनऊ की ओर से जारी मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 21 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. कुछ जिलों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है, वहीं, बुंदेलखंड से जुड़े कई जिलों में बारिश के साथ जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा भी बताया गया है.
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21 अगस्त को किन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम केंद्र लखनऊ के 20 अगस्त को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 21 अगस्त को 24 घंटे में जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना अधिक है. इन इलाकों में बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर तेज बौछारें और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है.
इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, इटावा और औरैया तथा आसपास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
महोबा, बांदा और चित्रकूट में फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विभाग ने 21 अगस्त की अवधि के लिए महोबा, बांदा, चित्रकूट और कौशांबी के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में आकस्मिक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की संभावना भी जताई है. लगातार या कम समय में तेज बारिश होने पर निचले इलाकों, छोटे नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी तेजी से बढ़ सकता है.
ऐसे में इन जिलों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है. नदी, नाले या तेज बहाव वाले रास्तों के आसपास जाने से बचना ज्यादा सुरक्षित रहेगा.
21 से 24 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक 21 अगस्त को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों हिस्सों में कई स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है. 22 अगस्त को भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है.
23 और 24 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि 22 अगस्त के बाद भारी बारिश को लेकर चेतावनी का स्तर कम होता दिखाई दे रहा है. 22 अगस्त के बाद जारी चेतावनी तालिका में 23 और 24 अगस्त के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी नहीं दी गई है.
| तारीख | मौसम की स्थिति | प्रमुख क्षेत्र |
|---|---|---|
| 21 अगस्त | बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें, कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश | जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्र |
| 22 अगस्त | बारिश जारी, कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना | जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास |
| 23 अगस्त | बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें | प्रदेश के कई हिस्से |
| 24 अगस्त | बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें | प्रदेश के कई हिस्से |
भारी बारिश से आम जनजीवन पर क्या असर पड़ सकता है
मौसम विभाग के अनुसार भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों, सुरंगों तथा खानों में जलभराव हो सकता है. नदियों, झीलों और जलाशयों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की संभावना रहती है. कुछ क्षेत्रों में सड़क, रेल और जल परिवहन प्रभावित हो सकता है.
शहरी इलाकों में पानी निकासी की व्यवस्था पर दबाव बढ़ने से स्थानीय जलभराव हो सकता है. भारी बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों पर यातायात धीमा पड़ सकता है. बहुत पुरानी इमारतों और असुरक्षित संरचनाओं के लिए भी खतरा बढ़ सकता है.
बारिश के दौरान आकाशीय बिजली और गरज-चमक का खतरा भी रहता है. इसलिए खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों और अन्य ऊंची संरचनाओं के पास खड़े होने से बचना चाहिए.
किसानों के लिए भी जरूरी सावधानी
भारी बारिश का असर खरीफ फसलों पर भी पड़ सकता है. मौसम केंद्र लखनऊ की कृषि आधारित सलाह में धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, उड़द और सब्जियों समेत कई फसलों के लिए जल निकासी पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.
धान की फसल में लंबे समय तक पानी जमा रहने से जड़ और पोषक तत्वों पर असर पड़ सकता है. मक्का में अतिरिक्त पानी निकालना जरूरी बताया गया है. अरहर में जलभराव से जड़ गलन और अन्य रोगों का खतरा बढ़ सकता है. मूंगफली और तिल जैसी फसलों में भी अधिक नमी से नुकसान हो सकता है.
सब्जी किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है. भारी बारिश से पहले पकी हुई फसलों की समय पर कटाई करना भी नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है.
बारिश के दौरान क्या सावधानी बरतें
बारिश के दौरान निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें. अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास न जाएं. खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा जरूरी हो तो सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलें.
आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान में खड़े होने से बचें. पेड़ के नीचे शरण लेना भी सुरक्षित विकल्प नहीं है. बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था पहले से रखने और मौसम खराब होने पर बिजली के उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.
वाहन चालकों को जलभराव वाली सड़कों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. तेज बहाव वाली सड़क या पुलिया को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. प्रशासन की ओर से किसी क्षेत्र को खाली करने या किसी मार्ग से बचने की सलाह दी जाती है तो उसका पालन करना जरूरी है.
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FAQ
1. क्या 21 अगस्त को पूरे उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होगी?
नहीं. पूर्वानुमान में पूरे प्रदेश के लिए एक जैसी भारी बारिश नहीं बताई गई है. कुछ जिलों और क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना अधिक है, जबकि कई अन्य इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
2. 21 अगस्त को किन जिलों में ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?
जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश की संभावना अधिक बताई गई है. इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, इटावा और औरैया के आसपास भी बारिश को लेकर सतर्क रहना चाहिए.
3. क्या फ्लैश फ्लड का खतरा भी है?
हां. महोबा, बांदा, चित्रकूट और कौशांबी के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में आकस्मिक बाढ़ की संभावना बताई गई है. इसलिए नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी से दूरी रखना जरूरी है.
4. क्या 22 अगस्त के बाद बारिश खत्म हो जाएगी?
ऐसा नहीं कहा जा सकता. पूर्वानुमान में 23 और 24 अगस्त को भी कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना है. हालांकि इन तारीखों के लिए विशेष मौसम चेतावनी नहीं दी गई है.
5. किसानों को सबसे पहले क्या करना चाहिए?
खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था रखना सबसे जरूरी है. भारी बारिश के बाद लंबे समय तक जलभराव न होने दें और फसल की स्थिति के अनुसार कृषि सलाह का पालन करें.


