MP Weather Update 21 August 2026: मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच शुक्रवार, 21 अगस्त को कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम पूर्वानुमान और किसान मौसम बुलेटिन के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है. खासतौर पर टीकमगढ़, सतना, रीवा, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, कटनी, उमरिया, पन्ना, सीधी, शहडोल, डिंडोरी और अनूपपुर जिलों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है. IMD के 20 अगस्त के ताजा बुलेटिन में भी पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 से 21 अगस्त के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है.
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पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का ज्यादा असर
21 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. मौसम बुलेटिन में टीकमगढ़, सतना, रीवा, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, कटनी, उमरिया, पन्ना, सीधी, शहडोल, डिंडोरी और अनूपपुर को फ्लैश फ्लड के संभावित जोखिम वाले जिलों में रखा गया है.
अगले 24 घंटे में मध्य स्तर के फ्लैश फ्लड का खतरा कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और इलाकों में बन सकता है. अचानक तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी तेजी से भरने और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है.
किन जिलों में बारिश और तेज हवा की चेतावनी
| बारिश की स्थिति | जिले |
|---|---|
| कई स्थानों पर बारिश | सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ |
| कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश | पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से |
| फ्लैश फ्लड का संभावित जोखिम | टीकमगढ़, सतना, रीवा, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, कटनी, उमरिया, पन्ना, सीधी, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर |
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 20 और 21 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. IMD के 20 अगस्त के रात के बुलेटिन में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 21 अगस्त तक व्यापक बारिश और 20 से 25 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर आगे जारी रहने का अनुमान है.
किसानों के लिए क्या है सलाह
मौसम विभाग के किसान मौसम बुलेटिन में किसानों को खेतों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखने और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है. तेज बारिश के दौरान खेतों में काम करने से बचना बेहतर रहेगा. सब्जियों, फलदार पौधों और अन्य फसलों को तेज हवा या बारिश से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी गई है.
किसानों को मौसम की ताजा जानकारी नियमित रूप से लेने और स्थानीय कृषि विभाग की सलाह के अनुसार काम करने को कहा गया है. बारिश के दौरान खेतों में बिजली के उपकरणों और खुले तारों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है.
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर
तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है. छोटी नदियों, नालों और जलभराव वाले रास्तों पर अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में परेशानी बढ़ सकती है. ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों और खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहेगी.
बारिश के दौरान वाहन चालकों को पानी भरे रास्तों पर जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. जिन स्थानों पर नदी, नाला या पुलिया में पानी बढ़ रहा हो, वहां से निकलने का जोखिम नहीं लेना चाहिए. बिजली गिरने या गरज-चमक की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी रखना जरूरी है.
लोगों को किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.
- निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी रखें.
- नदी, नाले और पुल-पुलिया के पास पानी बढ़ने पर वहां जाने की कोशिश न करें.
- आंधी या बिजली चमकने के दौरान पेड़, टीन शेड और खुले मैदान से दूर रहें.
- घर में जरूरी दवाएं, पीने का पानी और मोबाइल चार्ज रखने जैसी बुनियादी तैयारी रखें.
- बिजली के उपकरणों को गीले हाथों से न छुएं.
- किसान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें और मौसम खराब होने पर खुले खेत में काम करने से बचें.
- स्थानीय प्रशासन या IMD की नई चेतावनी आने पर उसी के अनुसार अपनी यात्रा और रोजमर्रा की गतिविधियों में बदलाव करें.
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FAQ
1. क्या 21 अगस्त को पूरे मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी?
नहीं. पूर्वानुमान में बारिश की गतिविधि कई हिस्सों में रहने की संभावना है, लेकिन भारी बारिश का खतरा खासतौर पर कुछ क्षेत्रों में अधिक है. पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों पर विशेष नजर रखने की जरूरत है.
2. किन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है?
टीकमगढ़, सतना, रीवा, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, कटनी, उमरिया, पन्ना, सीधी, शहडोल, डिंडोरी और अनूपपुर जिले फ्लैश फ्लड के संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में शामिल हैं.
3. क्या फ्लैश फ्लड का मतलब इन जिलों में बाढ़ आना तय है?
नहीं. इसका अर्थ संभावित जोखिम से है. स्थानीय स्तर पर बहुत तेज बारिश होने पर जलभराव और अचानक पानी बढ़ने की स्थिति बन सकती है.
4. किसानों को 21 अगस्त को सबसे ज्यादा किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
खेतों में पानी की निकासी, मौसम की ताजा चेतावनी और आंधी-बारिश के दौरान खुले खेत में काम करने से बचने पर ध्यान देना चाहिए.
5. बारिश के दौरान आम लोगों को सबसे पहले क्या करना चाहिए?
अगर आपके इलाके में तेज बारिश या फ्लैश फ्लड की चेतावनी है तो सुरक्षित स्थान पर रहें, जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन तथा IMD की ताजा सूचना पर नजर रखें.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र भोपाल.


