UP Government News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिला सरकारी कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश के मामले में बड़ी राहत दी है. अब दो प्रसूति अवकाश के बीच दो साल के अंतर की बाध्यता खत्म कर दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद महिला कर्मचारियों को सिर्फ इस आधार पर मातृत्व अवकाश से वंचित नहीं किया जा सकेगा कि उनके दोनों बच्चों के जन्म के बीच दो साल का अंतर नहीं है. सरकार ने वित्तीय नियम संग्रह खंड-2, भाग-2 के नियम 153(1) में बदलाव करते हुए यह बाध्यता समाप्त कर दी है.
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हाईकोर्ट के फैसले के बाद बदला नियम
दरअसल, इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के सामने एक महिला कर्मचारी ने याचिका दाखिल की थी. महिला ने शिकायत की थी कि उसके दोनों बच्चों की उम्र में दो साल का अंतर नहीं होने के कारण उसका मातृत्व अवकाश मंजूर नहीं किया गया. मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दो बच्चों के बीच उम्र का अंतर दो साल से कम होने के आधार पर मातृत्व अवकाश से इनकार करने के आदेश को निरस्त कर दिया था.
कोर्ट ने महिला कर्मचारी को मातृत्व अवकाश के साथ सभी परिणामी लाभ देने का आदेश भी दिया था. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य सरकार ने अब नियम में ही बदलाव कर दिया है. इससे महिला सरकारी कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश लेने में पहले की तुलना में बड़ी राहत मिलेगी.
तमिलनाडु में तीसरे बच्चे पर भी 365 दिन की छुट्टी
इसी बीच तमिलनाडु सरकार ने भी महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है. राज्य सरकार ने तीसरे बच्चे के जन्म पर भी 365 दिन का मातृत्व अवकाश देने की घोषणा की है. तमिलनाडु सरकार के मुताबिक, अभी दो से कम जीवित बच्चों वाली महिला सरकारी कर्मचारियों को 365 दिन का मातृत्व अवकाश मिलता है, जबकि दो या उससे अधिक जीवित बच्चों वाली महिला कर्मचारियों को 12 सप्ताह तक की छुट्टी दी जाती है.
मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री डी. सरथकुमार ने विधानसभा में घोषणा की कि तीसरे बच्चे के लिए मिलने वाली 12 सप्ताह की मातृत्व छुट्टी को बढ़ाकर 365 दिन किया जाएगा. तमिलनाडु में मातृत्व अवकाश की अवधि को पहले भी कई बार बढ़ाया जा चुका है. वर्ष 2011 में इसे 90 दिन से बढ़ाकर छह महीने, 2016 में नौ महीने और जुलाई 2021 में बढ़ाकर एक साल यानी 365 दिन किया गया था.
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उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के इन फैसलों को कामकाजी महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा जा रहा है. खासकर यूपी में दो बच्चों के बीच उम्र के अंतर की बाध्यता खत्म होने से महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश के नियम पहले से ज्यादा आसान हो जाएंगे.


