Weather Update 25 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 25 अगस्त 2026 को जारी मिड-डे मौसम बुलेटिन के मुताबिक बुधवार, 26 अगस्त को कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पूर्वी राजस्थान, केरल, असम-मेघालय समेत कई क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं कुछ राज्यों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है.
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26 अगस्त को इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार 26 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, केरल एवं माहे, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. यानी बारिश का असर एक साथ कई मौसम क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है.
उत्तर प्रदेश के लिए मौसम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. बुलेटिन में 26 अगस्त को पूरे उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बताई गई है. इससे पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई और कई इलाकों में उल्लेखनीय वर्षा हुई.
उत्तर प्रदेश के इन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
IMD ने 26 अगस्त को सुबह 11:30 बजे तक अगले 24 घंटे के लिए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में Low to Moderate Flash Flood Risk की संभावना जताई है. इसका अर्थ है कि अत्यधिक संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में बारिश के दौरान सतही बहाव, जलभराव या स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभावित जिले: मिर्जापुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, बांदा, रायबरेली, अमेठी, कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभावित जिले: महोबा, झांसी, हमीरपुर, जालौन, औरैया, इटावा और मैनपुरी.
इन जिलों में निचले इलाकों, पहले से गीली जमीन और जलनिकासी की कमजोर व्यवस्था वाले स्थानों पर विशेष सावधानी जरूरी है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर
26 अगस्त को छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. मध्य प्रदेश में बारिश का असर खास तौर पर पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में देखा जा सकता है. IMD ने 26 अगस्त को मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान दिया है. छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है.
फ्लैश फ्लड रिस्क के तहत मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना जिलों को पूर्वी मध्य प्रदेश में तथा भिंड और दतिया को पश्चिमी मध्य प्रदेश में शामिल किया गया है. इन इलाकों में बारिश के बाद पानी के तेज बहाव और निचले हिस्सों में जलभराव से परेशानी बढ़ सकती है.
बिहार, झारखंड और राजस्थान में भी सावधानी
बिहार, झारखंड और पूर्वी राजस्थान में 26 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है. बिहार में गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं भी कुछ स्थानों पर चल सकती हैं. पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर गरज-चमक का खतरा है.
झारखंड में भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा का असर कुछ स्थानों पर हो सकता है. ऐसे में खुले क्षेत्रों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास जाने से बचना बेहतर रहेगा.
आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में तेज हवा के साथ आंधी
26 अगस्त को आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने की संभावना है. आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाओं की भी संभावना जताई गई है.
इस दौरान वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर खुले इलाकों, पुलों और जलभराव वाले रास्तों पर. तेज हवा के दौरान अस्थायी ढांचे, होर्डिंग या कमजोर पेड़ों से दूरी रखना जरूरी है.
बारिश का आम जनजीवन पर क्या असर पड़ सकता है?
भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय स्तर पर बाढ़, सड़क यातायात में बाधा और दृश्यता कम होने जैसी स्थिति बन सकती है. IMD के प्रभाव आकलन में भारी बारिश और तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने, कमजोर मकानों और दीवारों को नुकसान पहुंचने तथा सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका बताई गई है. कुछ स्थानों पर भूस्खलन, मलबा खिसकने और जलभराव का जोखिम भी रह सकता है.
किसानों के लिए भी बारिश के बीच खेतों से अतिरिक्त पानी निकालना महत्वपूर्ण है. IMD ने उत्तर प्रदेश में धान, मक्का, मूंगफली, तिल, अरहर, सब्जियों और अन्य खड़ी फसलों से अतिरिक्त पानी निकालने तथा जलभराव वाले निचले क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था मजबूत रखने की सलाह दी है.
मौसम खराब हो तो क्या सावधानी रखें?
बारिश और आंधी के दौरान मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें. बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित इमारत में शरण लें. बिजली गिरने की आशंका होने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्लग से अलग करना और पानी के स्रोतों से दूर रहना बेहतर है.
फ्लैश फ्लड वाले जिलों में नदी, नाले, पुलिया और तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश न करें. जलभराव वाले रास्ते पर पानी की गहराई का अंदाजा लगाकर वाहन निकालने के बजाय सुरक्षित मार्ग चुनना ज्यादा उचित है. स्थानीय प्रशासन की चेतावनी मिलने पर समय रहते सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
बारिश के दौरान खेतों में जलभराव न होने देना सबसे जरूरी है. IMD ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी है. खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी जमा होने पर फसल की जड़ों को नुकसान हो सकता है. लगातार बारिश के दौरान खाद और कीटनाशक के इस्तेमाल को परिस्थितियां अनुकूल होने तक टालने की सलाह भी दी गई है.
26 अगस्त का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र | 26 अगस्त का संभावित मौसम |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | कई स्थानों पर भारी बारिश |
| उत्तराखंड | भारी बारिश, कुछ स्थानों पर बिजली |
| बिहार | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा |
| मध्य प्रदेश | भारी बारिश, कुछ स्थानों पर बिजली |
| छत्तीसगढ़ | भारी बारिश और गरज-चमक |
| पूर्वी राजस्थान | भारी बारिश और गरज-चमक |
| झारखंड | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा |
| असम-मेघालय | भारी बारिश और बिजली |
| केरल | भारी बारिश और गरज-चमक |
| आंध्र प्रदेश | गरज-चमक, 40-50 किमी/घंटा तक तेज हवा |
| तमिलनाडु-पुडुचेरी | गरज-चमक, 40-50 किमी/घंटा तक तेज हवा |
स्रोत और जरूरी नोट
यह मौसम अपडेट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 25 अगस्त 2026 को 13:22 बजे जारी All India Weather Summary and Forecast Bulletin पर आधारित है. IMD के अनुसार किसी दिन का पूर्वानुमान 0830 IST से अगले दिन 0830 IST तक मान्य होता है.
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FAQs
1. 26 अगस्त को बारिश के कारण बाहर निकलने में डर लग रहा है, क्या करें?
डरने के बजाय अपने इलाके का ताजा मौसम अपडेट देखें और यदि भारी बारिश या बिजली का खतरा हो तो गैर-जरूरी यात्रा टाल दें. खासकर फ्लैश फ्लड रिस्क वाले जिलों में अतिरिक्त सावधानी रखें.
2. अगर घर के आसपास पानी भरने लगे तो सबसे पहले क्या करना चाहिए?
बिजली के उपकरणों से दूरी बनाएं, जरूरी सामान सुरक्षित ऊंचे स्थान पर रखें और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी पर तुरंत ध्यान दें. तेज बहाव वाले पानी में जाने या उसे पार करने की कोशिश न करें.
3. क्या बिजली चमकने पर पेड़ के नीचे खड़े होना सुरक्षित है?
नहीं. IMD ने स्पष्ट रूप से बिजली की स्थिति में पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी है. सुरक्षित और पक्की जगह पर जाना ज्यादा उचित है.
4. किसान बारिश के बीच खेत में कौन सा काम रोक सकते हैं?
लगातार गीली मिट्टी में खाद, कीटनाशक और कुछ कृषि गतिविधियां रोकना बेहतर है. पहले जलनिकासी और खेत की स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना चाहिए.
5. क्या फ्लैश फ्लड रिस्क का मतलब पूरे जिले में बाढ़ आना है?
नहीं. IMD ने इन क्षेत्रों के लिए Low to Moderate Flash Flood Risk बताया है. इसका मतलब कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के कारण सतही बहाव, जलभराव या स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना है.


